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भारत और इजराइल के बीच आर्थिक साझेदारी की नई शुरुआत

भारत और इजराइल के बीच आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। जनवरी में इजराइल से एक प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा, जहां दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत होगी। इस समझौते का उद्देश्य चीन पर निर्भरता को कम करना और विश्वसनीय साझेदारों के साथ संबंधों को मजबूत करना है। व्यापार के आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्षों में निर्यात और आयात में कमी आई है, लेकिन संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। जानें इस साझेदारी के संभावित लाभ और भविष्य की योजनाएं।
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भारत और इजराइल के बीच आर्थिक साझेदारी की नई शुरुआत

भारत और इजराइल के बीच आर्थिक संबंधों का विस्तार

दुनिया दो ध्रुवों में विभाजित होती जा रही है। एक ओर युद्ध, प्रतिबंध और व्यापार युद्ध हैं, जबकि दूसरी ओर देश अपने भविष्य के आर्थिक साधनों को तैयार कर रहे हैं। इस संदर्भ में, भारत एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बना रहा है। भारत और इजराइल अब केवल रणनीतिक सहयोग नहीं, बल्कि एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के माध्यम से आर्थिक साझेदारी की दिशा में बढ़ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जनवरी में इजराइल से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा, जहां दोनों देशों के बीच प्रस्तावित FTA पर औपचारिक वार्ता शुरू होगी। यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चीन पर निर्भरता को कम करना और विश्वसनीय साझेदारों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करना है.


व्यापार के आंकड़े और संभावनाएं

एक अधिकारी ने बताया कि इजराइल के व्यापार प्रतिनिधियों की भारत यात्रा की उम्मीद है। 2024-25 के दौरान, भारत का इजराइल को निर्यात 52 प्रतिशत घटकर 2.14 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि 2023-24 में यह 4.52 अरब अमेरिकी डॉलर था। आयात में भी पिछले वित्त वर्ष में 26.2 प्रतिशत की कमी आई, जो 1.48 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। द्विपक्षीय व्यापार 3.62 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। भारत एशिया में इजराइल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हालांकि, द्विपक्षीय व्यापार मुख्य रूप से हीरे, पेट्रोलियम उत्पादों और रसायनों तक सीमित है, लेकिन हाल के वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी और उच्च तकनीकी उत्पादों में वृद्धि देखी गई है.


भारत-इजराइल व्यापार का विस्तार

भारत से इजराइल को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में मोती, कीमती पत्थर, ऑटोमोबाइल, रासायनिक और खनिज उत्पाद, मशीनरी, विद्युत उपकरण, प्लास्टिक, वस्त्र, धातु और कृषि उत्पाद शामिल हैं। वहीं, आयात में मोती, रासायनिक उत्पाद, मशीनरी, पेट्रोलियम तेल और रक्षा सामग्री शामिल हैं। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच व्यापार केवल डायमंड्स, पेट्रोलियम और केमिकल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी, कृषि तकनीक और उन्नत निर्माण भी शामिल हैं.


भविष्य की योजनाएं

यदि 2024 और 2025 में भारत और इजराइल के व्यापार की बात करें, तो यह आंकड़ा 3.62 अरब अमेरिकी डॉलर है। लेकिन असली तस्वीर यह है कि संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। भारत फरवरी में रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ FTA वार्ता का दूसरा दौर शुरू करेगा। इस ब्लॉक में रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं। इसका उद्देश्य 2030 तक भारत और EAEU के बीच व्यापार को 70 अरब से बढ़ाकर 100 अरब अमेरिकी डॉलर करना है। इसका सीधा लाभ भारत के छोटे व्यापारियों, किसानों और मछुआरों को होगा.