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भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर महत्वपूर्ण घोषणा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 27 अप्रैल को साइन होने जा रहा है। यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देगा और इसमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। न्यूजीलैंड की सरकार और विपक्ष दोनों इस डील का समर्थन कर रहे हैं। जानें इस समझौते के प्रमुख पहलुओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में।
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर महत्वपूर्ण घोषणा

भारत-न्यूजीलैंड व्यापारिक संबंधों में नया अध्याय

भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लग्जन ने घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 27 अप्रैल को औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाएगा। यह जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि एक व्यापक साझेदारी की शुरुआत है, जिसमें सेवाएं, निवेश, मोबिलिटी और प्रौद्योगिकी जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत ने न्यूजीलैंड को लगभग 711.1 बिलियन का निर्यात किया, जिसमें एविएशन, फ्यूल, टेक्सटाइल और फार्मा उत्पाद शामिल थे। वहीं, न्यूजीलैंड से भारत ने लगभग 587.1 मिलियन डॉलर का आयात किया, जिसमें कच्चा माल, स्क्रैप मेटल और कोयला जैसे प्रमुख उत्पाद शामिल थे। इस प्रकार, दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत व्यापारिक संबंध हैं, जिन्हें इस एफटीए के बाद और भी मजबूती मिलेगी। 


समझौते के प्रमुख पहलू

इस समझौते की एक विशेषता यह है कि यह लगभग 20 विभिन्न क्षेत्रों को कवर करेगा। इसमें बौद्धिक संपदा अधिकार, निवेश, स्थिरता, छोटे और मध्यम उद्योग, और पारंपरिक ज्ञान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हो रही इस डील की एक और खास बात यह है कि न्यूजीलैंड की सरकार के साथ-साथ विपक्षी पार्टी भी इस समझौते का समर्थन कर रही है। विपक्षी नेताओं ने भी भारत के साथ इस डील को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। टैरिफ की बात करें तो न्यूजीलैंड 100% टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त करेगा, जबकि भारत ने अपने संवेदनशील कृषि क्षेत्र, जैसे डेयरी, को बचाने के लिए लगभग 70% टैरिफ लाइनों को खोला है। 


डील की प्रक्रिया और भविष्य की संभावनाएं

भारत के उत्पादों पर 0% टैरिफ लागू होगा, जबकि न्यूजीलैंड पर कुछ टैरिफ लागू होंगे। इस डील की शुरुआत 16 मार्च 2025 को हुई थी, जब भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टैडी मैक के बीच बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद दोनों देशों ने तेजी से वार्ता को आगे बढ़ाया और अब यह समझौता हस्ताक्षर के लिए तैयार है। भारत पहले ही श्रीलंका, भूटान, सिंगापुर, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूएई जैसे देशों के साथ एफटीए कर चुका है। इसके अलावा, भारत के पास एसियान और एएफटीए जैसे समूहों के साथ भी समझौते हैं, और ईयू के साथ भारत ने एक महत्वपूर्ण व्यापार डील की है। यह दर्शाता है कि भारत लगातार अपने व्यापारिक संबंधों को बेहतर बना रहा है, और इस नए समझौते के बाद भारत की वैश्विक व्यापार नीति और भी मजबूत होगी। साथ ही, न्यूजीलैंड के लिए एशियाई बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का यह एक सुनहरा अवसर है।