भारत के एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर की महत्वपूर्ण बैठकें
भारत के एनएसए अजीत डोभाल की रूस यात्रा
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल वर्तमान में मॉस्को में हैं, जहां वे विभिन्न बैठकों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बयानों के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम में भी हिस्सा लिया। इस फोरम में सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी मेज़बानी रूस के सुरक्षा परिषद के सचिव सारगाई शोइगू ने की। इस मंच पर बहुध्रय विश्व व्यवस्था पर चर्चा की गई, जिसमें डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए और जिम्मेदार देशों को यह तय करना होगा कि वे आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ हैं या नहीं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर की साइपरस यात्रा
इस बीच, भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर साइपरस में हैं, जहां उन्होंने यूरोपीय देशों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। इनमें से एक बैठक यूक्रेन के प्रतिनिधियों के साथ हुई, जो इस समय की एक महत्वपूर्ण घटना है। जयशंकर ने यूरोपीय विदेश मंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक में भाग लिया, जो केवल औपचारिक कूटनीति का हिस्सा नहीं था, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों में नई साझेदारियों को मजबूत करने का अवसर भी था।
आतंकवाद और वैश्विक संस्थाओं पर डोभाल का बयान
डोभाल ने अपने संबोधन में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा संस्थाएं आज की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की बात की, जो भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा, उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापारिक आवाजाही की आवश्यकता पर भी बल दिया।
भारत-रूस संबंधों पर जोर
डोभाल ने रूस और भारत के बीच बहुआयामी साझेदारी की सराहना की और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। इस प्रकार, एक ओर जहां डोभाल मॉस्को में महत्वपूर्ण बैठकों में भाग ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जयशंकर साइपरस में यूरोपीय नेताओं के साथ संवाद कर रहे हैं।
