भारत ने UN में पाकिस्तान को आतंकवाद पर दी कड़ी चेतावनी, उठाए गंभीर मुद्दे
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आतंकवाद और सीमा पार हिंसा के मुद्दे पर एक बार फिर से कड़ी फटकार लगाई है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ऐसा देश, जिसका इतिहास हिंसा और आतंक से भरा हो, उसे भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई पर भारत का बयान
भारत ने यूएन में अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई और एयरस्ट्राइक का मुद्दा भी उठाया। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की सीमा पार कार्रवाई ने बड़ी संख्या में नागरिकों की जान ली है और हजारों लोगों को विस्थापित होने पर मजबूर किया है।
UNAMA रिपोर्ट का संदर्भ
UNAMA रिपोर्ट का हवाला देकर पाकिस्तान को घेरा
भारत ने कहा कि UNAMA की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले तीन महीनों में पाकिस्तान की सेना की सीमा पार कार्रवाई और हवाई हमलों के कारण अफगानिस्तान में लगभग 750 नागरिकों की मौत हुई। भारत ने बताया कि UNAMA के आंकड़ों के अनुसार 95 में से 94 घटनाओं के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बल जिम्मेदार पाए गए। यह रिपोर्ट पाकिस्तान की सैन्य नीति और क्षेत्रीय अस्थिरता का एक बड़ा उदाहरण है।
रमजान में एयरस्ट्राइक का जिक्र
रमजान में एयरस्ट्राइक का मुद्दा उठाया
भारत ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि रमजान के दौरान मार्च में काबुल के ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर एयरस्ट्राइक की गई थी। इस हमले में 269 नागरिकों की मौत हुई और 122 लोग घायल हुए। यह हमला उस समय हुआ जब लोग तरावीह की नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकल रहे थे।
1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का उल्लेख
1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का भी जिक्र
भारत ने पाकिस्तान के अतीत का उल्लेख करते हुए 1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का मुद्दा भी उठाया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने अपने ही नागरिकों के खिलाफ नरसंहार और महिलाओं के साथ सामूहिक दुराचार जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान लगातार अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए हिंसा और प्रचार का सहारा लेता रहा है।
सीमा पार आतंकवाद का खतरा
सीमा पार आतंकवाद क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि सीमा पार से होने वाला आतंकवाद आज भी क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है और अब समय आ गया है कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाए।
भारत का आतंकवाद पर सख्त संदेश
आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी कारण से आम नागरिकों को निशाना बनाना कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की। भारत का यह कड़ा रुख पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।
