भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया, होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हमले की चिंता
भारत की चिंता पर ईरान के राजदूत से बातचीत
शनिवार को भारतीय सरकार ने ईरान के राजदूत को विदेश मंत्रालय में बुलाया, जब दो भारतीय झंडे वाले टैंकरों पर ईरानी नौसेना द्वारा गोलीबारी की घटना सामने आई। यह घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट हुई, जिससे भारत ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय ने डॉ. मोहम्मद फतहाली को शाम 6:30 बजे बैठक के लिए आमंत्रित किया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस मामले को गंभीर बताया।
व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर जोर
विदेश सचिव ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और उनके नाविकों की सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ईरान ने पहले भारत जाने वाले कई जहाजों को सुरक्षित निकासी में मदद की थी। उन्होंने ईरानी राजदूत से अनुरोध किया कि इस गंभीर घटना की जानकारी ईरान की सरकार तक पहुंचाएं और भारत जाने वाले जहाजों की सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया को फिर से शुरू करें। मोहम्मद फतहाली ने आश्वासन दिया कि वह भारत की चिंताओं को अपने देश की सरकार तक पहुंचाएंगे।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में घटनाक्रम
जग अर्नव और सनमार हेराल्ड नामक दो भारतीय जहाज होर्मुज में मौजूद हैं, जो इराक का तेल ले जा रहे थे। ईरानी गनबोट्स ने इन पर गोलीबारी की। भारतीय नौसेना इस मामले की पूरी जानकारी इकट्ठा कर रही है। फिलहाल, होर्मुज में भारतीय नौसेना का कोई जहाज नहीं है, लेकिन गल्फ ऑफ ओमान में कुछ युद्धपोत तैनात हैं।
हमले की जानकारी कैसे मिली?
ब्रिटेन की नौसेना ने भी पुष्टि की कि ईरानी गनबोट्स ने होर्मुज स्ट्रेट पार करने का प्रयास कर रहे कुछ जहाजों पर फायरिंग की। कुछ जहाजों को ईरानी नौसेना से रेडियो संदेश मिला कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से बंद कर दिया गया है और कोई जहाज पास नहीं हो सकता।
स्ट्रेट का पहले खोला जाना और फिर बंद होना
ईरान ने शुक्रवार को स्ट्रेट को कुछ समय के लिए खोलने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार को फिर से सख्ती कर दी। ईरान का कहना है कि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं कर रहा है, इसलिए उन्होंने नियंत्रण कड़ा कर दिया है। होर्मुज तेल और गैस के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई जहाज फंस गए हैं। भारत इस घटना पर ईरान से स्पष्टीकरण मांग रहा है और विदेश मंत्रालय ने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की अपील की है।
