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भारत-नेपाल सीमा पर नया नियम: भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य

भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराने 'रोटी-बेटी' संबंधों में अब एक नई बाधा आ गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया है, जिससे सीमा पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। जोगबनी सीमा पर वाहनों और यात्रियों की लंबी कतारें लग गई हैं। इस नए नियम के कारण व्यापारियों, मरीजों और पर्यटकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानें इस बदलाव के पीछे की वजहें और इससे प्रभावित लोगों की स्थिति।
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भारत-नेपाल सीमा पर नया नियम: भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य

नई बाधा: पहचान पत्र की अनिवार्यता


नई दिल्ली: भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे 'रोटी-बेटी' संबंधों में अब एक नई चुनौती सामने आई है। शनिवार की सुबह से भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अचानक सख्त कर दिया गया है। नेपाली प्रशासन ने एक नए निर्देश के तहत भारतीय नागरिकों के लिए नेपाल में प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया है।


बालेन सरकार का नया आदेश

नेपाल की बालेन सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए नया नियम लागू किया है। जैसे ही यह आदेश जारी हुआ, जोगबनी सीमा पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। SSB और नेपाल पुलिस हर व्यक्ति की कड़ी जांच कर रहे हैं, जिसके कारण सीमा पर वाहनों और पैदल यात्रियों की लंबी कतारें लग गई हैं। जिनके पास पहचान पत्र नहीं हैं, उन्हें बैरिकेड पर ही वापस लौटाया जा रहा है, जिससे व्यापारियों, मरीजों और पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


ID की अनिवार्यता

नेपाली प्रशासन ने अब नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है। जैसे ही नए नियम लागू हुए, जोगबनी सीमा पर वाहनों और यात्रियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। लोगों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति तभी दी जा रही है जब उनके पहचान पत्रों की जांच हो जाती है। जिनके पास वैध ID नहीं है, उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।


सीमा पर अफरा-तफरी

बिहार के अररिया जिले की सीमा नेपाल से लगभग 90 किलोमीटर तक लगती है। इन सीमावर्ती क्षेत्रों की पहचान दोनों देशों के बीच 'रोटी-बेटी' के रिश्ते के बंधन के रूप में रही है। हर दिन हजारों भारतीय नागरिक सीमा पार करके नेपाल जाते हैं और बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भी भारत आते हैं। हालांकि, नेपाली प्रशासन की इस नई सख्ती के बाद आम नागरिकों, व्यापारियों, मरीजों और पर्यटकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले सीमा पार आवाजाही सामान्य थी, लेकिन अब हर व्यक्ति की कड़ी जांच-पड़ताल की जा रही है।


सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव

इस स्थिति ने सीमा पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। कई लोग जरूरी काम से नेपाल जा रहे थे, लेकिन पहचान पत्र न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। नेपाली प्रशासन सीमा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क हो गया है। अवैध घुसपैठ और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए निगरानी अभियान तेज कर दिए गए हैं। नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार करने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रख रही हैं। सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।


पुलिस और SSB की सतर्कता

नेपाल सीमा पार करके चीनी नागरिकों की घुसपैठ की घटनाओं को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उत्तरी बिहार के जिलों जैसे बेतिया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, दरभंगा और मधुबनी में पुलिस बलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सभी प्रमुख होटलों और लॉज का नियमित निरीक्षण करें।


तीन दिन पहले अररिया में जोगबनी सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले एक चीनी नागरिक को वैध यात्रा दस्तावेज न होने के कारण पकड़ लिया गया था। इस घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने एक अलर्ट जारी किया। अलर्ट में कहा गया है कि 4 मई को चीन के हुनान प्रांत के नागरिक झोउ हुआन ने नेपाली पंजीकरण संख्या वाले स्कूटर पर सवार होकर भारत में प्रवेश किया।