भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में नई उम्मीद: RSS नेता का बयान
भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की संभावना
इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच एक नया बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबले ने पाकिस्तान के साथ संवाद जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिसे पाकिस्तान ने सकारात्मक रूप से लिया है। इस्लामाबाद ने इसे एक सकारात्मक संकेत माना है और आशा व्यक्त की है कि भारत में शांति और संवाद के लिए और भी आवाजें उठेंगी।
पाकिस्तान का सकारात्मक रुख
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में होसबले के बयान का उल्लेख किया। प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि भारत से बातचीत का समर्थन करने वाली आवाजें उभरना एक सकारात्मक संकेत है। दरअसल, होसबले ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की संभावनाएं हमेशा बनी रहनी चाहिए और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता है।
होसबले का बयान क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि RSS को भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मार्गदर्शक माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के साथ RSS के करीबी संबंधों को देखते हुए पाकिस्तान इस बयान को गंभीरता से ले रहा है।
पाकिस्तान की 'वेट एंड वॉच' नीति
हालांकि पाकिस्तान ने इस बयान का स्वागत किया है, लेकिन उसने स्पष्ट किया है कि वह जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहता। इस्लामाबाद अब भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान वर्तमान में 'वेट एंड वॉच' नीति पर काम कर रहा है।
बैक-चैनल बातचीत पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भारत और पाकिस्तान के बीच बैक-चैनल संपर्क के बारे में पूछा गया, तो प्रवक्ता ने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि उनके पास इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर वह इस पर खुलकर बात करेंगे, तो यह बैक-चैनल बातचीत नहीं रह जाएगी।
अमेरिका-ईरान मुद्दे पर पाकिस्तान का रुख
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता प्रक्रिया पर भी पाकिस्तान ने अपनी राय दी। ताहिर अंद्राबी ने कहा कि बातचीत और शांति प्रक्रिया जारी है और पाकिस्तान को उम्मीद है कि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से मानता रहा है कि किसी भी क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए ईमानदार बातचीत आवश्यक है।
