भारत में 74 देशों की नौसेनाओं का अभूतपूर्व जमावड़ा
भारत में वैश्विक नौसेना सहयोग का अद्वितीय प्रदर्शन
दुनिया भर में तनाव के बावजूद, भारत में एक असाधारण दृश्य देखने को मिल रहा है। भारत की सड़कों पर रूस, ईरान और बांग्लादेश की सेनाएं मार्च कर रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान की सेना भारत में नजर आ रही है। ईरान की नौसेना की एक फ्लीट भारतीय समुद्री क्षेत्र में पहुंच चुकी है। इसी तरह, रूस भी युद्ध की स्थिति में है, फिर भी उसकी नौसेना भारत की सड़कों पर दिखाई दे रही है। बांग्लादेश के साथ भी तनाव के बावजूद, उसकी नौसेना भी यहां मौजूद है।
अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2026 का आयोजन
इस समय भारत में लगभग 74 देशों की नौसेनाएं एकत्रित हैं। ये सभी देश 2026 के अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग ले रहे हैं। यह केवल भारतीय नौसेना की ताकत का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि वैश्विक समुद्री सहयोग और शांति को बढ़ावा देने का प्रतीक भी है। भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने इस कार्यक्रम का निरीक्षण किया। यह आयोजन पूर्वी नौसेना कमांड के तहत विशाखापत्तनम में हो रहा है और यह 11 दिनों तक चलेगा। इसकी थीम 'समुद्रों के माध्यम से एकजुटता' है, जो वैश्विक समुद्री एकता पर जोर देती है।
भारत की नौसेना का शक्ति प्रदर्शन
इस कार्यक्रम में भारत ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने आईएस सुमेधा से पूरे बेड़े का निरीक्षण किया, जिसमें 66 भारतीय और 19 विदेशी युद्धपोत शामिल थे। कुल मिलाकर 85 जहाजों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें तीन पनडुब्बियां और 60 से अधिक विमान भी शामिल थे। इस कार्यक्रम में फ्लाई पास्ट और सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन भी आयोजित किए गए।
74 देशों की भागीदारी
74 देशों की भागीदारी इस आयोजन को विशेष बनाती है, जिसमें अमेरिका, चीन, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे कई प्रमुख देशों की नौसेनाएं शामिल हैं। इस प्रदर्शन में भारतीय नौसेना ने 66 जहाजों का प्रदर्शन किया, जिसमें आईएएस विक्रांत जैसे विमान वाहक पोत और आधुनिक प्रोजेक्ट 15 बी डिस्ट्रॉयर शामिल हैं।
