भारत में अमेरिका के नए राजदूत की महत्वपूर्ण मुलाकात
भारत में अमेरिका के राजदूत की भूमिका
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों में सीधे हस्तक्षेप कर तख्तापलट की कोशिश की है। कुछ स्थानों पर उनकी यह रणनीति सफल रही है, जबकि अन्य जगहों पर वे देशों के बीच तनाव बढ़ा रहे हैं। इस बीच, भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गौर ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। जनवरी का महीना चल रहा है, और इस दौरान डोभाल की चीन यात्रा की योजना बनाई जा रही है, जो पहले से तय थी। यह यात्रा एसईओ में उनकी भागीदारी के दौरान तय की गई थी, जिसमें जनवरी 2026 में एक और दौर की वार्ता की योजना बनाई गई थी।
सर्जियो गौर का भारत दौरा
सर्जियो गौर, जो ट्रंप के करीबी माने जाते हैं, अचानक दिल्ली पहुंचे और कहा कि मोदी और ट्रंप के बीच की दोस्ती महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा देश बताते हुए कहा कि इस समझौते को अंतिम रूप देना आसान नहीं है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। व्यापार हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी उपायों, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग जारी रखेंगे। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 10 दिसंबर को अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की प्रगति के बारे में सकारात्मकता व्यक्त की।
व्यापार वार्ता की प्रगति
गोयल ने कहा, "हर समझौते में कई पहलू होते हैं। वार्ता में काफी प्रगति हुई है, लेकिन 2025 के पतझड़ तक पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य अमेरिकी व्यापार नीति में नए घटनाक्रमों के कारण विलंबित हो गया है। इनमें ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ भी शामिल हैं।"
