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भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार का भरोसा, खाद्यान्न भंडार भी मजबूत

भारत के जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, जबकि खाद्यान्न भंडार भी पर्याप्त है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने बताया कि गेहूं और चावल का भंडार मानकों से तीन गुना अधिक है। इसके अलावा, एलपीजी की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आई है, और सरकार ने जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या जानकारी है।
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भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार का भरोसा, खाद्यान्न भंडार भी मजबूत

भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित


जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी है कि मौजूदा हालात के बावजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से संबंधित कोई नकारात्मक घटना नहीं हुई है। हाल ही में, दो भारतीय जहाज, ग्रीन संघवी और ग्रीन आशा, सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। वर्तमान में, पश्चिमी फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले 16 जहाज चल रहे हैं, जिन पर 433 भारतीय नाविक तैनात हैं।


भारत का खाद्यान्न भंडार

मंत्रालय विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री संगठनों के साथ समन्वय बनाए हुए है ताकि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उपभोक्ता मामले मंत्रालय की संयुक्त सचिव सी. शिखा ने खाद्यान्न भंडार की स्थिति पर भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास गेहूं और चावल का भंडार पर्याप्त है, जो मानकों से लगभग तीन गुना अधिक है। वर्तमान में, गेहूं का भंडार लगभग 222 लाख मीट्रिक टन (LMT) और चावल का भंडार करीब 380 LMT है। कुल खाद्यान्न भंडार लगभग 602 LMT है, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और आपात स्थितियों के लिए पर्याप्त है।


आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता

सी. शिखा ने यह भी बताया कि भारत अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील से आयात जारी रखे हुए है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला स्थिर बनी हुई है। इसके अलावा, सरसों के उत्पादन में सुधार से घरेलू खाद्य आपूर्ति को भी मजबूती मिली है। सरकार बाजार की स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हस्तक्षेप के लिए तैयार है।


एलपीजी आपूर्ति की स्थिति

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एलपीजी आपूर्ति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कुछ बाधाएं आई हैं, लेकिन देश में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है। पिछले 35 दिनों में लगभग 18 करोड़ घरों तक एलपीजी पहुंचाई गई है। इसके साथ ही, 19 किलोग्राम वाले 42 लाख से अधिक कमर्शियल सिलेंडर वितरित किए गए हैं। छोटे 5 किलो के सिलेंडरों की भी अच्छी मांग देखी गई है, जहां एक दिन में लगभग 90,000 सिलेंडर बेचे गए।


सरकार की कार्रवाई

सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए पिछले चार से पांच हफ्तों में लगभग एक लाख छापेमारी और निरीक्षण किए हैं। इस दौरान 850 एफआईआर दर्ज की गईं और 220 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिली है।