मसूद अजहर का नया ऑडियो: IC-814 अपहरण की कहानी और रिहाई के राज़
मसूद अजहर का नया ऑडियो सामने आया
नई दिल्ली: जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का एक नया ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी हुआ है, जिसमें वह 1999 में हुए IC-814 विमान अपहरण की घटनाओं का विवरण देता है। इस ऑडियो में वह अपनी जेल से रिहाई, अधिकारियों के साथ बातचीत और उस समय की परिस्थितियों का उल्लेख करता है।
रिहाई के लिए दबाव का दावा
इस ऑडियो में मसूद अजहर का कहना है कि IC-814 के हाईजैक के बाद आतंकवादियों ने उसकी रिहाई के लिए दबाव डाला, जिसके परिणामस्वरूप उसे जेल से बाहर निकाला गया। उसने बताया कि रिहाई से पहले उससे क्या सवाल पूछे गए और यह प्रक्रिया कैसे पूरी की गई।
रिहाई से पहले की पूछताछ
मसूद अजहर ने कहा कि उसकी रिहाई से पहले कुछ अधिकारी उससे मिलने आए थे। उनके अनुसार, वे यह जानना चाहते थे कि क्या उसका जज्बा अभी भी कायम है। उसने बताया कि अधिकारियों ने उससे पूछा कि क्या कश्मीर में जिहाद खत्म होगा, जिस पर उसने कहा कि यह कभी खत्म नहीं होगा।
IC-814 हाईजैक की घटनाएँ
मसूद अजहर ने यह भी कहा कि उसने अधिकारियों को बताया कि जिहाद को समाप्त नहीं किया जा सकता। उसने कहा कि घरों में माताएँ हर दिन जिहाद की लोरी सुनाती हैं और कुरान में जिहाद का उल्लेख है। उसके अनुसार, जिहाद को दीवारों से मिटाया नहीं जा सकता।
रिहाई की प्रक्रिया का विवरण
मसूद अजहर ने अपनी रिहाई की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया। उसने कहा कि उसे आराम करने और वुजू करने की अनुमति दी गई, फिर उसे अपने साथियों से मिलने दिया गया। उसके अनुसार, बिना किसी बोर्डिंग, वीजा या पासपोर्ट के उसे बाहर लाया गया।
कैसे हुई मसूद अजहर की रिहाई?
मसूद अजहर को 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद रिहा किया गया था। यह विमान काठमांडू से दिल्ली जा रहा था और इसे आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया था।
यात्रियों की रिहाई के बदले शर्तें
आतंकवादियों ने यात्रियों की रिहाई के लिए भारत सरकार के सामने शर्त रखी कि जेल में बंद आतंकियों को छोड़ा जाए। अंततः, भारत सरकार ने 31 दिसंबर 1999 को तीन आतंकियों को रिहा किया।
मसूद अजहर
अहमद उमर सईद शेख
मुश्ताक अहमद जरगर
जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना
रिहाई के बाद, मसूद अजहर पाकिस्तान चला गया और उसने जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकवादी संगठन की स्थापना की, जो भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है।
