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मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रंप को भेंट किया नोबेल मेडल, लेकिन पुरस्कार का दर्जा नहीं बदला

वेनेजुएला की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने हाल ही में अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया। इस कदम के बाद नोबेल पीस सेंटर ने स्पष्ट किया कि मेडल का स्वामित्व बदल सकता है, लेकिन पुरस्कार विजेता का दर्जा नहीं। ट्रंप ने मचाडो की सराहना की और इसे आपसी सम्मान का प्रतीक बताया। जानें इस मामले में नोबेल संस्थान का क्या कहना है और इसके पीछे के नियम क्या हैं।
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मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रंप को भेंट किया नोबेल मेडल, लेकिन पुरस्कार का दर्जा नहीं बदला

मारिया कोरिना मचाडो का अनोखा कदम


नई दिल्ली : वेनेजुएला की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने हाल ही में नोबेल शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित होने के बाद अपना प्रतिष्ठित मेडल अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया। इस घटना के बाद नोबेल पीस सेंटर ने स्पष्ट किया कि भले ही मेडल का स्वामित्व बदला जा सकता है, लेकिन पुरस्कार विजेता का आधिकारिक खिताब किसी भी स्थिति में नहीं बदलता।


नोबेल पीस सेंटर का स्पष्टीकरण

कड़ा संदेश
मचाडो के इस कदम के बाद, नोबेल पीस सेंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से स्थिति को स्पष्ट किया। सेंटर ने बताया कि नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल 6.6 सेंटीमीटर व्यास और 196 ग्राम वजन का होता है, जो शुद्ध सोने से निर्मित है। मेडल के एक तरफ अल्फ्रेड नोबेल की आकृति और दूसरी तरफ भाईचारे का प्रतीक तीन व्यक्तियों की आकृति होती है। सेंटर ने यह भी बताया कि इस मेडल का डिजाइन पिछले 120 वर्षों से अपरिवर्तित है।


मेडल का दान, सम्मान का नहीं

ऐतिहासिक उदाहरण
नोबेल पीस सेंटर ने अपने बयान में कुछ ऐतिहासिक उदाहरणों का उल्लेख किया। सेंटर ने बताया कि कई बार पुरस्कार विजेताओं ने अपने मेडल को दान किया है। सबसे प्रसिद्ध मामला दिमित्री मुराटोव का है, जिन्होंने यूक्रेन युद्ध के शरणार्थियों की सहायता के लिए अपने नोबेल मेडल को नीलाम कर 100 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि जुटाई थी। इसके अलावा, कुछ मेडल नोबेल पीस सेंटर में प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें नॉर्वे के पहले नोबेल शांति पुरस्कार विजेता क्रिश्चियन लुस लांगे का मेडल भी शामिल है।


नियमों की स्पष्टता

नियमों पर कोई समझौता नहीं
इन उदाहरणों के बावजूद, सेंटर ने स्पष्ट किया कि नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के नियम स्पष्ट हैं। एक बार पुरस्कार की घोषणा हो जाने पर, इसे न तो रद्द किया जा सकता है, न ही किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है। यह निर्णय अंतिम होता है और हमेशा के लिए मान्य रहता है। सेंटर ने कहा कि मेडल का स्वामित्व बदल सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का दर्जा नहीं।


ट्रंप का प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर ट्रंप का पोस्ट
डोनाल्ड ट्रंप ने मचाडो से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि मचाडो से मिलना उनके लिए सम्मान की बात थी। ट्रंप ने कहा कि मचाडो ने अपने संघर्षों के बावजूद साहस दिखाया है और उन्होंने अपने नोबेल शांति पुरस्कार को उन्हें भेंट किया, जिसे उन्होंने आपसी सम्मान का प्रतीक बताया।


नोबेल संस्थान की स्थिति

अंतिम स्थिति
नोबेल संस्थान के प्रवक्ता ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि व्यक्तिगत उपहार के रूप में मेडल किसी और को दिया जा सकता है, लेकिन आधिकारिक तौर पर नोबेल शांति पुरस्कार का विजेता वही व्यक्ति रहता है, जिसे यह सम्मान दिया गया है। यह पुरस्कार अपने स्वरूप और मान्यता में अपरिवर्तनीय है। इस बयान के साथ, नोबेल संस्थान ने स्पष्ट कर दिया कि सम्मान का मूल अधिकार हमेशा मूल विजेता के पास ही रहता है।