मिडिल ईस्ट में तनाव: अमेरिका की ईरान के खिलाफ सख्त नाकाबंदी का वीडियो जारी
वीडियो में दिखी अमेरिकी सेना की कार्रवाई
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने हालात की गंभीरता को और स्पष्ट किया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) द्वारा जारी इस फुटेज में अमेरिकी सेना को ईरान के आसपास समुद्र में कड़ी नाकाबंदी लागू करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में यह स्पष्ट है कि अमेरिकी बल जहाजों को रोकने और चेतावनी देने के लिए पूरी ताकत से तैनात हैं।
अमेरिकी सैनिकों की चेतावनी
वीडियो में एक हेलीकॉप्टर से तैनात मशीन गनर एक मालवाहक जहाज को वापस लौटने का निर्देश देता हुआ दिखाई देता है। इसके अलावा, एक अन्य अमेरिकी सैनिक भारी हथियार के साथ जहाज की ओर निशाना साधे खड़ा है। रेडियो पर स्पष्ट आवाज सुनाई देती है, "यह अमेरिकी युद्धपोत है और आप सैन्य नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।" जहाजों को चेतावनी दी जाती है कि यदि वे ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ते हैं या वहां से निकलने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर बल प्रयोग की चेतावनी भी दी गई है।
27 जहाजों को लौटाया गया
Since the commencement of the blockade against ships entering or exiting Iranian ports and coastal areas, U.S. forces have directed 27 vessels to turn around or return to an Iranian port. pic.twitter.com/G8dl96wN4H
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 20, 2026
CENTCOM के अनुसार, इस सैन्य नाकाबंदी के दौरान अब तक कम से कम 27 जहाजों को वापस मुड़ने या अपने रास्ते बदलने के लिए मजबूर किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी गई जानकारी में कहा गया कि ईरानी बंदरगाहों के आसपास सख्त निगरानी रखी जा रही है। जो भी जहाज इस क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करता है, उसे पहले जांच से गुजरना पड़ता है।
ईरान जा रहे जहाज पर कार्रवाई
इस बीच, एक अलग घटना में अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहे एक जहाज पर कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, झड़प के बाद अमेरिकी मरीन ने जहाज पर चढ़ाई की और उसे अपने नियंत्रण में लिया। जारी वीडियो में साफ दिखता है कि मरीन हेलीकॉप्टर से जहाज पर उतरते हैं और पूरे ऑपरेशन को तेजी से अंजाम देते हैं। यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई बताई जा रही है।
जहाज में संदिग्ध सामग्री का शक
समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस जहाज में ऐसी सामग्री होने का संदेह था, जिसका उपयोग सैन्य कामों में किया जा सकता है। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि जहाज चीन से आ रहा था और अमेरिका की यह कार्रवाई "सशस्त्र समुद्री डकैती" के समान है। ईरान ने यह भी कहा कि वह इस घटना को खुली आक्रामकता मानता है और इसका जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि, जहाज पर मौजूद नागरिकों और उनके परिवारों को देखते हुए उसने फिलहाल संयम बरतने की बात कही है।
चीन ने जताई चिंता
इस पूरे घटनाक्रम पर चीन ने भी चिंता जताई है। चीन, जो ईरान से कच्चा तेल आयात करता है, ने स्थिति को सामान्य करने की अपील की है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने की बात कही और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया।
ट्रंप की नई चेतावनी
तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिकी मांगों को नहीं मानता, तो अमेरिका उसके अहम ढांचे जैसे पुल और बिजली संयंत्रों को निशाना बना सकता है। इस पर जवाब देते हुए ईरान ने भी चेतावनी दी कि अगर ऐसा कोई हमला होता है, तो वह खाड़ी क्षेत्र के देशों में ऊर्जा और जल सुविधाओं को निशाना बना सकता है।
