Newzfatafatlogo

यमन संकट: सऊदी अरब और यूएई के रिश्तों में दरार, पाकिस्तान की भूमिका पर चर्चा

मध्य पूर्व में यमन के संकट ने सऊदी अरब और यूएई के बीच संबंधों में दरार पैदा कर दी है। सऊदी अरब के हालिया हवाई हमले ने पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति को चुनौती दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस से बातचीत कर एकजुटता जताई है। जानें इस संकट का प्रभाव और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बारे में।
 | 
यमन संकट: सऊदी अरब और यूएई के रिश्तों में दरार, पाकिस्तान की भूमिका पर चर्चा

मध्य पूर्व में उथल-पुथल


इन दिनों मध्य पूर्व में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर सऊदी अरब के हवाई हमलों ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच के पुराने संबंधों में गहरी दरार पैदा कर दी है। इस स्थिति के बाद पाकिस्तान ने भी अपने रुख को स्पष्ट किया है।


यमन में संकट की गहराई

यमन लंबे समय से गृहयुद्ध की स्थिति में है। हाल ही में सऊदी अरब ने मुकल्ला बंदरगाह पर एक हमले को अंजाम दिया, जिसमें यूएई से आई एक खेप को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब का कहना है कि ये हथियार और सैन्य वाहन यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) के लिए थे, जो दक्षिण यमन को अलग देश बनाने की मांग कर रहा है।


इस हमले के परिणामस्वरूप यमन में एक नया मोर्चा खुल सकता है, जहां हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ने वाली ताकतें आपस में टकरा सकती हैं। यमन पहले से ही गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है।


शहबाज शरीफ की सऊदी क्राउन प्रिंस से बातचीत

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर चर्चा की। इस बातचीत में शहबाज ने सऊदी अरब के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने क्षेत्रीय शांति के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया।


दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के संबंधों को और मजबूत करने की बात की। क्राउन प्रिंस ने अगले वर्ष पाकिस्तान आने की इच्छा भी जताई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ खड़ा है।


पाकिस्तान की कूटनीतिक चुनौतियाँ

पाकिस्तान के लिए यह स्थिति आसान नहीं है, क्योंकि उसके सऊदी अरब और यूएई दोनों के साथ गहरे संबंध हैं। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता और रक्षा समझौते प्रदान किए हैं, जबकि यूएई ने बड़े निवेश का आश्वासन दिया है। हाल ही में, शहबाज शरीफ ने यूएई के राष्ट्रपति से भी मुलाकात की, जिसमें क्षेत्रीय तनाव को कम करने की कोशिश की गई।


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने यमन में हिंसा पर चिंता व्यक्त की और सऊदी अरब की सुरक्षा तथा यमन की एकता का समर्थन किया।