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यूक्रेन की 'रोबोट आर्मी' ने बदल दी युद्ध की परिभाषा, रूसी सैनिकों को किया आत्मसमर्पण

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक नई तकनीकी उपलब्धि का दावा किया है, जिसमें उनकी 'रोबोट आर्मी' ने रूसी सैनिकों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया। यह घटना युद्ध के नए तरीकों और तकनीकी प्रगति को दर्शाती है। जेलेंस्की ने बताया कि इस ऑपरेशन में न तो किसी सैनिक को मैदान में उतरना पड़ा और न ही कोई नुकसान हुआ। जानें कैसे ये रोबोटिक सिस्टम भविष्य के युद्ध का नया मॉडल बन सकते हैं और किस प्रकार से यूक्रेन ने 22,000 से अधिक मिशनों में इनका उपयोग किया है।
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यूक्रेन की 'रोबोट आर्मी' ने बदल दी युद्ध की परिभाषा, रूसी सैनिकों को किया आत्मसमर्पण

युद्ध में तकनीक का नया अध्याय


रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने आधुनिक युद्ध की परिभाषा को बदलने का संकेत दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि उनकी 'रोबोट आर्मी' के सामने रूसी सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा। यह घटना तकनीकी प्रगति और युद्ध के नए तरीकों की ओर इशारा करती है।


बिना सैनिकों के सफल ऑपरेशन

जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने पूरी तरह से मानवरहित प्रणाली का उपयोग करते हुए एक रूसी ठिकाने पर कब्जा कर लिया। इस ऑपरेशन में न तो किसी सैनिक को मैदान में उतरना पड़ा और न ही यूक्रेन को कोई नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह युद्ध के इतिहास में पहली बार है जब किसी ठिकाने को केवल रोबोटिक प्लेटफॉर्म और ड्रोन के माध्यम से अपने नियंत्रण में लिया गया।


ऑपरेशन की विशेषताएँ

जेलेंस्की ने बताया कि इस मिशन में ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन का उपयोग किया गया। इन मशीनों ने दुश्मन की स्थिति का आकलन किया, हमला किया और अंततः रूसी सैनिकों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया। इस पूरे अभियान में यूक्रेनी सेना का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे ऑपरेशन भविष्य के युद्ध का नया मॉडल बन सकते हैं, जहां इंसानों की जगह मशीनें अधिक कार्य करेंगी।


22,000 से अधिक मिशनों में उपयोग

जेलेंस्की ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों में ही ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम्स का उपयोग 22,000 से अधिक बार किया गया। उनका कहना है कि जब खतरनाक क्षेत्रों में इंसानों की जगह रोबोट भेजे गए, तो हजारों सैनिकों की जान बचाई जा सकी। यूक्रेन इस समय Ratel, TerMIT, Ardal, Rys, Zmiy, Protector और Volia जैसे कई उन्नत रोबोटिक सिस्टम्स का उपयोग कर रहा है।


रोबोटिक सिस्टम का कार्यप्रणाली

यूक्रेन की सेना इन रोबोटिक सिस्टम्स का तेजी से उपयोग कर रही है। वर्तमान में इन्हें दूर से नियंत्रित किया जाता है। ये रोबोट न केवल दुश्मन पर हमला करते हैं, बल्कि घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने का कार्य भी करते हैं, विशेषकर उन स्थानों पर जहां इंसानों के लिए जाना अत्यंत खतरनाक होता है।


AI से लैस खतरनाक रोबोट

जनवरी में, यूक्रेन के एक विशेष ग्राउंड रोबोट Droid TW-7.62 (DevDroid) ने तीन रूसी सैनिकों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की थी। यह रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है, जिससे यह अपने आप दुश्मन की पहचान कर सकता है और उसे ट्रैक कर सकता है।


इस रोबोट में KT-7.62 मशीन गन लगी होती है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर यह हमला भी कर सकता है। इसके अंदर एक विशेष कंप्यूटर सिस्टम होता है, जो निशाने को बेहद सटीक बनाता है। AI की मदद से यह लगातार दुश्मन पर नजर रखता है और सही समय पर कार्रवाई करता है।