रूस का नया समुद्री दैत्य: दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोत का परीक्षण
रूस का समुद्री महादानव
रूस का नया युद्धपोत, जो 30 वर्षों के बाद समुद्र में उतरा है, ने नाटो और अमेरिका की सेनाओं में हलचल मचा दी है। यह विशाल युद्धपोत किसी भी देश के नौसैनिक बेड़े को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसकी उपस्थिति से दुश्मन देशों के जहाजों को बचने का केवल एक सेकंड का समय मिलेगा, जिसके बाद सब कुछ तबाह हो जाएगा।
इस युद्धपोत का नाम किरो क्लास क्रूज़र है, जो सामान्य युद्धपोतों से कहीं अधिक शक्तिशाली है। इसका वजन लगभग 28,000 टन है, और यह आकार में अमेरिका के तीन सबसे आधुनिक अर्ली बर्ग क्लास डिस्ट्रॉयर्स से भी बड़ा है। यह न्यूक्लियर प्लांट से संचालित होता है और इसके अंदर अत्याधुनिक हथियारों का भंडार है।
इस जहाज में 176 मिसाइल लॉन्च सेल्स हैं, जिनमें से लगभग 100 सेल्स में रूस का अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम S400 का नेवल वर्जन तैनात है। यह सिस्टम दुश्मन की हर हवाई हमले को रोकने में सक्षम है। इसके अलावा, इसमें ज़रकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलें भी शामिल हैं, जो ध्वनि की गति से नौ गुना तेज़ उड़ान भरती हैं।
हालांकि, इस दैत्य को सक्रिय करना रूस के लिए आसान नहीं था। यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध और आर्थिक संकट के कारण रूस को अपने दूसरे जहाज पियोत्र वेलिकी को समय से पहले रिटायर करना पड़ा। सोवियत संघ के विघटन के बाद से रूस ने कोई नया बड़ा युद्धपोत नहीं बनाया है।
