रूस की सस्ती तेल पेशकश: क्या पाकिस्तान उठाएगा यह मौका?
ईरान में युद्ध के बीच रूस की पेशकश
ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि जारी है, लेकिन रूस ने पाकिस्तान को सस्ते कच्चे तेल की पेशकश की है। रूस ने यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए खुद पहल करनी होगी और रूस से तेल की मांग करनी होगी। इसके अगले दिन, पाकिस्तान ने यह स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, देश में ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त और स्थिर है।
पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की अस्थिरता के बावजूद, देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संतोषजनक है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पेट्रोलियम आपूर्ति की निगरानी करने वाली समिति ने हाल ही में स्टॉक की स्थिति और आने वाली सप्लाई का आकलन किया। इस समिति की अध्यक्षता वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब कर रहे हैं।
मंत्रालय के अनुसार, डीजल का मौजूदा भंडार लगभग 24 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, और पेट्रोल भी अच्छी मात्रा में उपलब्ध है। देश में सही मात्रा में आयात हो रहा है और रिफाइनरियां नियमित रूप से कार्यरत हैं, जिससे ईंधन की आपूर्ति में स्थिरता बनी रहती है। आने वाले कच्चे तेल की खेप और रास्ते में मौजूद अतिरिक्त कार्गो से भंडार और मजबूत होने की उम्मीद है।
सप्लाई चेन की निगरानी
पूरा सप्लाई चेन लगातार निगरानी में रखा जा रहा है, ताकि जमाखोरी और असमय भंडारण से बचा जा सके और देशभर में तेल और गैस की समय पर उपलब्धता बनी रहे, खासकर ईद और फसल कटाई के मौसम से पहले। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डिपो चालू रहेंगे और ईंधन की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं होगी।
रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस पाकिस्तान को रियायती दरों पर तेल देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को खुद आगे आना होगा। अभी तक पाकिस्तान की ओर से कोई औपचारिक पहल नहीं हुई है।
ईरान के हालात और पाकिस्तान पर प्रभाव
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ा है। इसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है, और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। बढ़ती कीमतें देश की गरीब जनता के लिए आर्थिक परेशानी और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना और भी चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
