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रूस-यूक्रेन संघर्ष में नए आरोप और अमेरिकी रिपोर्ट का खुलासा

रूस और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसमें रूस ने यूक्रेन पर पुतिन के निवास पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया है। हालांकि, अमेरिका की एक नई रिपोर्ट ने इस आरोप को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि पुतिन के घर पर हमले के कोई सबूत नहीं मिले। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और अमेरिका की भूमिका के बारे में।
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रूस-यूक्रेन संघर्ष में नए आरोप और अमेरिकी रिपोर्ट का खुलासा

रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कुछ वर्षों से तनाव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में, रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निवास पर हमला किया, जिसमें 91 ड्रोन हमले किए गए।


इस आरोप ने एक नई सनसनी पैदा कर दी है, लेकिन यूक्रेन ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। एक नई रिपोर्ट में अमेरिका ने कहा है कि इस हमले से संबंधित कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने पुतिन के निवास पर हमले के कोई भी निशान नहीं पाए हैं।


अमेरिकी रिपोर्ट का विश्लेषण

अमेरिकी रिपोर्ट ने क्या कहा?


CIA ने रूस के आरोपों की पुष्टि करने की कोशिश की, लेकिन पुतिन के निवास पर हमले के कोई भी निशान नहीं मिले। अमेरिकी अधिकारियों ने खुफिया जानकारी भी एकत्र की है, जिसमें यह स्पष्ट हुआ है कि पुतिन के घर पर हमले के कोई सबूत नहीं हैं। अमेरिका की ये रिपोर्ट रूस के लिए एक बड़ा झटका हो सकती है। रूस ने दावा किया था कि पुतिन की जान को खतरा है और उनके निवास को निशाना बनाया गया। हालांकि, जब ये हमले हुए, तब पुतिन वहां मौजूद नहीं थे, जिससे उनकी जान बच गई। उन्होंने इस हमले का जवाब देने की बात कही थी, लेकिन अमेरिकी रिपोर्ट उनके दावों को गलत ठहरा रही है।


रूस का आरोप और प्रतिक्रिया

क्या था रूस का आरोप?


रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन द्वारा किए गए 91 ड्रोन हमले से कोई नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि रूस की मजबूत रक्षा प्रणाली ने सभी ड्रोन को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, रूस ने यूक्रेन को चेतावनी दी है कि वह इन हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार रखता है और उचित समय पर इसका जवाब दिया जाएगा। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर एक संपादकीय साझा करते हुए कहा कि रूस इन आरोपों के जरिए यूक्रेन के शांति प्रयासों में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले, भारत और यूएई सहित कई देशों ने इस हमले की निंदा की थी।