लॉकहीड मार्टिन का बड़ा कदम: पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन तीन गुना बढ़ाने की योजना
वैश्विक सुरक्षा में बढ़ती मांग
नई दिल्ली: भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की संभावनाओं के बीच, एयर डिफेंस सिस्टम की आवश्यकता में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कंपनी अब अपनी प्रसिद्ध पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन तीन गुना बढ़ाने की योजना बना रही है।
महत्वपूर्ण समझौता
लॉकहीड मार्टिन ने अमेरिकी सरकार के साथ एक ऐतिहासिक 7 साल का समझौता किया है। इस समझौते के तहत, पीएसी-3 मिसाइल इंटरसेप्टर का वार्षिक उत्पादन 600 यूनिट से बढ़ाकर 2000 यूनिट किया जाएगा। यूक्रेन युद्ध में इन मिसाइलों के प्रभावी उपयोग ने उनकी मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
मिसाइलों की मांग में वृद्धि
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष ने हवाई सुरक्षा की आवश्यकता को स्पष्ट कर दिया है। पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को दी गई पैट्रियट मिसाइलों ने रूसी हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके परिणामस्वरूप, जापान, पोलैंड, स्वीडन और कतर जैसे देश भी अपनी सुरक्षा को लेकर सजग हो गए हैं और इन मिसाइलों की तैनाती की योजना बना रहे हैं।
सप्लाई चेन में बदलाव
वर्तमान में, लॉकहीड मार्टिन 16 देशों को पैट्रियट मिसाइलों की आपूर्ति कर रही है। वैश्विक तनाव के कारण, पुरानी उत्पादन क्षमता अब अपर्याप्त साबित हो रही थी। सितंबर 2025 में, कंपनी को 1970 मिसाइलों के लिए 9.8 बिलियन डॉलर का ऑर्डर मिला, जो इस प्रकार के हथियार के लिए अब तक का सबसे बड़ा अनुबंध माना जा रहा है।
उत्पादन क्षमता में वृद्धि की चुनौती
सालाना उत्पादन को 600 से 2000 यूनिट तक बढ़ाना आसान नहीं है। इसके लिए कंपनी को अपने उत्पादन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे। पिछले दो वर्षों में, लॉकहीड मार्टिन ने पहले ही अपनी उत्पादन क्षमता में 60 प्रतिशत की वृद्धि की है। 2025 में, कंपनी ने 620 मिसाइलों की सफल डिलीवरी की थी।
लंबी अवधि की मांग की गारंटी
अमेरिकी सरकार के साथ हुए नए समझौते में दीर्घकालिक मांग की गारंटी दी गई है। इससे कंपनी को नए संयंत्र, मशीनरी और तकनीक में निवेश का आश्वासन मिला है। यह समझौता अमेरिकी सरकार की 'एक्विजिशन ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी' का हिस्सा है, जिसके तहत उद्योग को लंबे समय के ऑर्डर दिए जाते हैं ताकि उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके। कंपनी को उम्मीद है कि 2026 के बजट सत्र के बाद पहला बड़ा फंड जारी किया जाएगा।
अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रभाव
मिसाइल उत्पादन में वृद्धि से न केवल रक्षा क्षेत्र को, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। लॉकहीड मार्टिन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से सप्लाई चेन में हजारों नई नौकरियों का सृजन होगा। इससे डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस अधिक मजबूत और लचीला बनेगा। पहले से अनुमानित मांग के कारण उत्पादन लागत में कमी आने की संभावना भी जताई जा रही है।
निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत
इस समझौते का लाभ कंपनी और अमेरिकी सरकार दोनों को होगा। लॉकहीड मार्टिन का मार्केट कैपिटलाइजेशन 118 बिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है और कंपनी के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर ट्रेड कर रहे हैं। यह डील निवेशकों के लिए भी एक मजबूत सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
अन्य रक्षा परियोजनाएं
पैट्रियट मिसाइलों के अलावा, लॉकहीड मार्टिन कई अन्य बड़े रक्षा परियोजनाओं में भी सक्रिय है। हाल ही में, कंपनी ने सी-130जे एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए 10 बिलियन डॉलर का नया अनुबंध हासिल किया है, जिससे इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू बढ़कर 25 बिलियन डॉलर हो गई है।
इसके साथ ही, कंपनी नौसेना के लिए 'एजिस कॉम्बैट सिस्टम' पर भी काम कर रही है, जिसके लिए उसे करीब 500 मिलियन डॉलर के कई छोटे अनुबंध मिले हैं।
वैश्विक रक्षा बाजार में स्थिति
ऑस्ट्रेलिया, जापान और कोरिया जैसे देशों में एजिस सिस्टम की देखरेख की जिम्मेदारी भी लॉकहीड मार्टिन के पास है। ताइवान की एयर फोर्स के लिए कंपनी एडवांस टारगेटिंग सिस्टम भी विकसित कर रही है। हालांकि, एफ-35 फाइटर जेट्स के मेंटेनेंस को लेकर कंपनी को कुछ आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद वैश्विक रक्षा बाजार में लॉकहीड मार्टिन की स्थिति मजबूत बनी हुई है.
