वेनेजुएला की राजनीति की ताकतवर महिला: सिलिया फ्लोरेस की कहानी
सिलिया फ्लोरेस: एक प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियत
वेनेजुएला की राजनीतिक परिदृश्य में सिलिया फ्लोरेस का नाम एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पत्नी होने के नाते, उन्हें लंबे समय से सत्ता के पीछे की प्रमुख शक्ति माना जाता है। कई लोग उन्हें 'लेडी मैकबेथ' के रूप में संदर्भित करते हैं, क्योंकि उनकी महत्वाकांक्षा और पर्दे के पीछे का प्रभाव शेक्सपियर के इस पात्र से मिलता-जुलता है।
सिलिया खुद को 'फर्स्ट कॉम्बैटेंट' यानी पहली लड़ाकू के रूप में प्रस्तुत करती हैं। हाल ही में, अमेरिकी कार्रवाई में उन्हें मादुरो के साथ गिरफ्तार किया गया, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
साधारण जीवन से राजनीतिक ऊंचाइयों तक का सफर
सिलिया फ्लोरेस का जन्म 15 अक्टूबर 1956 को वेनेजुएला के कोजेडेस राज्य के छोटे शहर टिनाकिलो में हुआ। वे एक साधारण परिवार की सबसे छोटी संतान थीं। उनका बचपन गरीबी में बीता, लेकिन उन्होंने कानून की पढ़ाई की और वकील बनीं। युवावस्था में उनका बेबाक स्वभाव उन्हें 'बाइकर गर्ल' जैसे उपनाम दिलाने में सफल रहा। उनकी राजनीतिक यात्रा 1990 के दशक में शुरू हुई, जब वे पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज की वकील बनीं।
1992 में हुए असफल तख्तापलट के बाद, जब चावेज को जेल भेजा गया, तो सिलिया ने उनका बचाव किया और 1994 में उनकी रिहाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस घटना ने उन्हें चावेज के करीबी बना दिया।
राजनीति में उनकी मजबूत भूमिका
चावेज के सत्ता में आने के बाद, सिलिया का राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। 2000 से 2012 तक, वे नेशनल असेंबली की सदस्य रहीं। 2006 में, वे वेनेजुएला की संसद की पहली महिला अध्यक्ष बनीं और 2011 तक इस पद पर रहीं। इसके बाद, 2012-2013 में उन्होंने अटॉर्नी जनरल का पद संभाला। चावेज की मृत्यु के बाद, मादुरो राष्ट्रपति बने और सिलिया से उनकी शादी हुई, जिसके बाद से वे फर्स्ट लेडी हैं।
मादुरो उन्हें अपना सबसे करीबी सलाहकार मानते हैं, और पार्टी में वे रणनीति बनाने वाली प्रमुख व्यक्ति हैं। आलोचकों का कहना है कि वे सत्ता की असली कठपुतली हैं। सिलिया ने टीवी पर भी काम किया है, जहां उन्होंने सरकारी योजनाओं को प्रदर्शित करने वाले शो की मेज़बानी की, जिससे सरकार की छवि को मजबूती मिली।
'लेडी मैकबेथ' का उपनाम क्यों?
सिलिया को 'लेडी मैकबेथ' कहा जाता है क्योंकि वे महत्वाकांक्षी और सख्त मानी जाती हैं। आलोचकों का कहना है कि वे पर्दे के पीछे से बड़े निर्णयों को प्रभावित करती हैं। कुछ लोग उनकी तुलना काल्पनिक पात्रों से भी करते हैं, जबकि उनके समर्थक उन्हें क्रांति की मजबूत योद्धा मानते हैं।
विवादों का बढ़ता सिलसिला
सिलिया पर परिवारवाद के आरोप भी लगे हैं, जिसमें उनके रिश्तेदारों को महत्वपूर्ण पद मिलने की बातें शामिल हैं। सबसे बड़ा विवाद 2015 में सामने आया, जब उनके दो भतीजों को अमेरिका में कोकीन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्हें सजा मिली, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया।
अमेरिका ने 2020 से मादुरो और उनके सहयोगियों पर नार्को-टेररिज्म के आरोप लगाए हैं। अब 2026 में हुई कार्रवाई के बाद, सिलिया पर भी कोकीन आयात और हथियारों से जुड़े आरोप लगे हैं, जिन्हें वे राजनीतिक साजिश बताती रही हैं।
