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वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बढ़ा वैश्विक तनाव

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, मादुरो को गिरफ्तार किया गया है, जो अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं।
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वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बढ़ा वैश्विक तनाव

नई दिल्ली में वेनेजुएला की स्थिति


नई दिल्ली: वेनेजुएला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय विवाद का केंद्र बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि काराकास पर हवाई हमलों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब मादुरो और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर अमेरिका पहले से ही सतर्क था। इस कदम को लैटिन अमेरिका की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।


काराकास में धमाकों की आवाज

शनिवार की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकास में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। कई क्षेत्रों में आग और धुएं के गुबार उठने की तस्वीरें सामने आईं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों ने दहशत फैला दी। ट्रंप ने बाद में कहा कि यह एक सुनियोजित सैन्य कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य मादुरो सरकार को समाप्त करना था।


ट्रंप का बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर भेज दिया है। ट्रंप के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से किया गया। उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया और जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से जानकारी देने का आश्वासन दिया।


चीन के साथ बैठक का प्रभाव

हमलों से कुछ घंटे पहले मादुरो की चीनी दूत के साथ गुप्त बैठक की खबरें आईं। बताया गया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष दूत चिउ शियाओछ ने मादुरो से लगभग तीन घंटे तक बातचीत की। इस मुलाकात को ट्रंप के गुस्से का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अमेरिका को आशंका थी कि मादुरो चीन के सहयोग से उसकी रणनीतिक स्थिति को चुनौती दे रहे हैं।


ऊर्जा और निवेश का महत्व

चीन वेनेजुएला को अपना महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार मानता है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और चीन प्रतिदिन लगभग 6.5 लाख बैरल तेल खरीदता है। पिछले वर्षों में, चीन ने मादुरो सरकार में अरबों डॉलर का निवेश किया है। वॉशिंगटन को चिंता है कि इससे लैटिन अमेरिका में उसका प्रभाव कमजोर हो सकता है।


वैश्विक राजनीति में तनाव

मादुरो की गिरफ्तारी के दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है, जबकि कुछ इसे अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते टकराव के संकेत के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला अब केवल एक देश नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है।