व्हाइट हाउस डिनर में सुरक्षा में सेंध: ट्रंप पर हुआ जानलेवा हमला
वाशिंगटन में सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश
नई दिल्ली: शनिवार की रात, वाशिंगटन डीसी के हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान एक हमलावर ने सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने का प्रयास किया और कई राउंड फायरिंग की। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उपस्थित थे। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रंप और अन्य नेताओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
हमलावर की गिरफ्तारी और सुरक्षा अधिकारी की स्थिति
हमलावर को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। सौभाग्य से, इस घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि एक सुरक्षा अधिकारी को गोली लगी, लेकिन उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने उनकी जान बचा ली।
ट्रंप का बयान और हमलावर की पहचान
घटना के बाद ट्रंप का बयान
घटना के बाद, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति का पद जोखिम भरा है। एक पत्रकार ने उनसे पूछा, "आप पर बार-बार जानलेवा हमले क्यों हो रहे हैं?" ट्रंप ने उत्तर दिया, "जो लोग सबसे ज्यादा काम करते हैं, उनके पीछे लोग पड़ते हैं।" उन्होंने हमलावर को 'lone wolf' बताया और कहा कि वह होटल में ठहरने वाला मेहमान था, जिसके पास शॉटगन, हैंडगन और चाकू जैसे हथियार थे।
सुरक्षा अधिकारी की जान बची
सुरक्षा अधिकारी की जान बची
ट्रंप ने बताया कि एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी को घातक हथियार से निशाना बनाया गया था, लेकिन उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने उन्हें बचा लिया। अधिकारी अब सुरक्षित हैं।
ट्रंप पर पहले भी हुआ हमला
पहले भी हुआ ट्रंप पर हमला
यह ट्रंप पर दूसरा बड़ा जानलेवा हमला है। इससे पहले, पेंसिल्वेनिया में चुनावी रैली के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी, जिसमें उन्हें चोट आई थी। ट्रंप ने कहा कि वे कार्यक्रम में रहना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर इसे रद्द कर दिया गया। इसे बाद में फिर से आयोजित किया जाएगा।
अमेरिका में सुरक्षा की चिंता
अमेरिका में बढ़ती चिंता
यह घटना व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई, जिसमें हजारों पत्रकार, राजनेता और अन्य हस्तियां शामिल होती हैं। ट्रंप ने सभी अमेरिकियों से अपील की कि वे मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं। सीक्रेट सर्विस और एफबीआई मामले की जांच कर रही है, और ट्रंप ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
