व्हाइट हाउस में UFC फाइट: ट्रंप के जन्मदिन पर होगा ऐतिहासिक इवेंट
व्हाइट हाउस में UFC का नया अध्याय
नई दिल्ली: अमेरिका का राष्ट्रपति भवन, व्हाइट हाउस, अब एक अनोखी वजह से चर्चा में है। यह ऐतिहासिक स्थल अब UFC फाइट का आयोजन स्थल बनने जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के विशाल लॉन में एक बड़ा केज फाइट एरीना स्थापित किया है। मंगलवार, 26 मई 2026 को वहां भारी क्रेन के जरिए लोहे के ढांचे का निर्माण किया गया।
ट्रंप का जन्मदिन और UFC इवेंट
यह तैयारियां 14 जून को होने वाले UFC इवेंट के लिए हैं, जो ट्रंप के 80वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। इसे ट्रंप के शाही शौक से जोड़ा जा रहा है, जैसे कि पुराने समय में राजा अपने जन्मदिन पर पहलवानों की कुश्ती करवाते थे।
ट्रंप का बयान: 'ऐसा पहले कभी नहीं हुआ'
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में ओवल ऑफिस में ट्रंप ने कहा, "हम एक बहुत बड़ी फाइट कराने जा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, और शायद फिर कभी नहीं होगा।" इस दौरान उनके साथ चार फाइटर भी मौजूद थे।
ट्रंप ने UFC के प्रसिद्ध ऑक्टागन की तस्वीर भी दिखाई, जिसमें व्हाइट हाउस और दर्शकों की व्यवस्था दिखाई दे रही थी।
4500 दर्शक लॉन में, 1 लाख बाहर
ट्रंप का कहना है कि लगभग 4500 लोग सीधे लॉन में बैठकर मुकाबला देख सकेंगे, जबकि व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी स्क्रीन पर 1 लाख लोग फ्री में मैच का आनंद ले सकेंगे।
ट्रंप खुद UFC के बड़े प्रशंसक हैं और कई इवेंट्स में भाग ले चुके हैं, जिससे उनकी युवा पुरुष वोटर्स के बीच लोकप्रियता बढ़ी है, जो 2024 के चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
UFC फ्रीडम 250: इवेंट का नाम
इस इवेंट का नाम "UFC फ्रीडम 250" रखा गया है, जो अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ से जुड़ा है। यह मुकाबला फ्लैग डे पर होगा, जो ट्रंप का जन्मदिन भी है।
UFC ने मार्च में बताया था कि इस इवेंट में छह मुकाबले होंगे, जिसमें मुख्य फाइट इलिया टोपुरिया और जस्टिन गेथजे के बीच होगी। यह लाइटवेट चैंपियनशिप मुकाबला होगा।
खर्च पर उठे सवाल
हालांकि, इस इवेंट की लागत और ऐतिहासिक स्थल पर आयोजन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। UFC की पैरेंट कंपनी ने फरवरी में कहा था कि इस फाइट पर कम से कम 6 करोड़ डॉलर खर्च होंगे।
कंपनी को उम्मीद है कि कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप से आधा पैसा वापस मिल जाएगा। व्हाइट हाउस का कहना है कि पूरा खर्च UFC द्वारा उठाया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया, "टैक्स देने वालों का एक भी डॉलर इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।"
