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सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ती राजनीतिक स्थिरता के संकेत

अमेरिका की सैन्य धमकियों के बीच, सऊदी अरब ने ईरान को एक महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है कि वह उसके खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में भाग नहीं लेगा। यह कदम शिया और सुन्नी मुस्लिम देशों के बीच दशकों से चले आ रहे मतभेदों को कमजोर कर सकता है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह अपने क्षेत्र का उपयोग ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा। इस स्थिति में, क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है। जानें इस बदलते परिदृश्य के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ती राजनीतिक स्थिरता के संकेत

सऊदी अरब का ईरान के प्रति नया रुख

अमेरिका द्वारा ईरान को सैन्य हमलों की चेतावनी देने के बावजूद, इस्लामिक देशों के बीच एक महत्वपूर्ण और असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है। शिया और सुन्नी मुस्लिम राष्ट्रों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद अब कमजोर होते नजर आ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब ने ईरान को एक ऐसा आश्वासन दिया है जिसने पश्चिम एशिया की राजनीति में एक नई दिशा निर्धारित की है। रियाद ने ईरान को स्पष्ट रूप से बताया है कि उसकी भूमि का उपयोग ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, सऊदी अरब ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने हवाई क्षेत्र से किसी भी ऐसे लड़ाकू विमान को गुजरने की अनुमति नहीं देगा, जिसका उद्देश्य ईरान पर हमला करना हो।


सऊदी अरब का स्पष्ट संदेश

सऊदी अरब ने तेहरान को सीधे तौर पर सूचित किया है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में भाग नहीं लेगा, और न ही उसके क्षेत्र का उपयोग इस उद्देश्य के लिए किया जाएगा। एक सरकारी सूत्र ने पुष्टि की है कि यह संदेश तेहरान तक पहुंचा दिया गया है। अमेरिका के खाड़ी क्षेत्र में, सऊदी अरब सहित कई सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। यह संदेश उस समय दिया गया जब अमेरिका ने चेतावनी दी कि वह ईरानी सरकार की कार्रवाई का जवाब दे सकता है, जबकि तेहरान ने कहा है कि नए हमले की स्थिति में वह अमेरिकी सैन्य और जहाजरानी संपत्तियों पर हमला करेगा।


क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में कदम

ईरान और सऊदी अरब के बीच मतभेदों के कारण रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। हालिया घटनाक्रम यह दर्शाते हैं कि क्षेत्रीय स्थिरता को अब वैचारिक मतभेदों से ऊपर रखा जा रहा है। सऊदी विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि रियाद ने ईरान को स्पष्ट रूप से सूचित किया है कि वह उसके खिलाफ किसी भी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा। इसके साथ ही, सऊदी अरब अपनी भूमि और हवाई क्षेत्र का उपयोग ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा। अरब अधिकारियों ने ट्रंप से हमले टालने का अनुरोध किया है और ईरानी अधिकारियों से भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान अमेरिका की किसी कार्रवाई का जवाब देता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।