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स्पेन का अमेरिका के सैन्य विमानों पर प्रतिबंध: क्या है इसके पीछे का कारण?

स्पेन ने अमेरिका के सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग रोकने का निर्णय लिया है, जो मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच आया है। रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोब्लेस ने स्पष्ट किया है कि स्पेन अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान से संबंधित किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने देगा। इस कदम से अमेरिका के साथ स्पेन के संबंधों में तनाव बढ़ गया है। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और स्पेन की विदेश नीति के बारे में।
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स्पेन का अमेरिका के सैन्य विमानों पर प्रतिबंध: क्या है इसके पीछे का कारण?

स्पेन ने उठाया कड़ा कदम


स्पेन ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोब्लेस ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की कि यह निर्णय पहले ही अमेरिकी प्रशासन को सूचित किया जा चुका था।


मार्गरिटा रोब्लेस का बयान

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पेन अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र का उपयोग ईरान से संबंधित किसी भी सैन्य गतिविधि के लिए नहीं होने देगा। यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया है, क्योंकि स्पेन ने पहले ही अपने प्रमुख सैन्य अड्डों रोता और मोरॉन को अमेरिका के लिए ईरान से जुड़ी किसी भी कार्रवाई में उपयोग करने से मना कर दिया था। अब इस नीति को और सख्त करते हुए हवाई क्षेत्र पर भी यही प्रतिबंध लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय उसकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


स्पेन की विदेश नीति

स्पेन उन यूरोपीय देशों में से एक है जो अमेरिका और इजरायल की मध्य पूर्व नीति की खुलकर आलोचना करते हैं। रक्षा मंत्री रोब्लेस ने इस संघर्ष को "अनुचित और गैरकानूनी" बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उनके अनुसार, स्पेन इस युद्ध से दूरी बनाए रखना चाहता है और किसी भी रूप में इसमें शामिल नहीं होना चाहता।


विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस का स्पष्टीकरण

विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने भी स्पष्ट किया कि स्पेन के सैन्य ठिकानों का उपयोग केवल उन गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जो द्विपक्षीय समझौतों और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुरूप हों। इस निर्णय के बाद, अमेरिका के कई सैन्य विमान, जिनमें केसी-135 टैंकर भी शामिल हैं, स्पेन के दक्षिणी ठिकानों को छोड़कर जर्मनी और अन्य स्थानों की ओर चले गए। ये विमान ईरान के खिलाफ अभियानों में ईंधन आपूर्ति का कार्य कर रहे थे।


स्पेन और अमेरिका के संबंधों में तनाव

स्पेन के इस कड़े रुख से नाटो सहयोगी अमेरिका के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए व्यापारिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन स्पेन सरकार अपने निर्णय पर अडिग है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने भी इस सैन्य कार्रवाई को खतरनाक बताते हुए कहा कि स्पेन किसी भी हालत में इस संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन का यह कदम यूरोप में अमेरिका की ईरान नीति के खिलाफ सबसे स्पष्ट और मजबूत विरोध के रूप में सामने आया है। सरकार का कहना है कि उसके सभी सैन्य ठिकाने और संसाधन पूरी तरह स्पेन की संप्रभुता के अधीन हैं और उनका उपयोग केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में ही किया जाएगा।