टैनमैक्सिंग: क्या है यह नया सनबाथिंग ट्रेंड और इसके खतरनाक प्रभाव?
टैनमैक्सिंग का उभरता ट्रेंड
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेजी से फैल रहा है, जिसे 'टैनमैक्सिंग' कहा जाता है। इसमें लोग जानबूझकर धूप में लंबे समय तक खड़े रहते हैं और इसका वीडियो बनाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य गहरे कांस्य रंग की त्वचा प्राप्त करना है।
टैनमैक्सिंग की प्रक्रिया
टैनमैक्सिंग क्या है?
TikTok, Instagram और Reels पर यह ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कई इन्फ्लुएंसर्स अपने 'टैनिंग रूटीन' और 'बेस टैन' के टिप्स साझा कर रहे हैं। इसका उद्देश्य बिना सनस्क्रीन के, दिन के सबसे तेज UV समय में धूप में रहना है।
लोग वीडियो में तेल लगाकर और टाइमर सेट करके धूप में घंटों बिताने की बात कर रहे हैं। गर्मियों में ऐसे ट्रेंड अक्सर सामने आते हैं, जो लोगों को 'कांस्य रंग' के लिए प्रेरित करते हैं।
डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों की राय
त्वचा विशेषज्ञ इस ट्रेंड को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि 'सुरक्षित टैन' जैसी कोई चीज नहीं होती। UV किरणें त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे शरीर अधिक मेलानिन बनाता है और त्वचा काली दिखने लगती है।
भले ही सनबर्न न हो, लगातार UV एक्सपोजर से कई नुकसान होते हैं:
- समय से पहले बुढ़ापा - झुर्रियां और झाइयां जल्दी आती हैं
- स्किन डैमेज - कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं
- स्किन कैंसर का खतरा - बार-बार धूप में रहने से यह रिस्क बढ़ जाता है
डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि UV से टैनिंग का कोई सुरक्षित तरीका नहीं है। यदि आपको चमकदार त्वचा चाहिए, तो सनस्क्रीन, हाइड्रेशन और मॉइस्चराइजर का उपयोग करें।
सोशल मीडिया का प्रभाव
सोशल मीडिया पर हाइप का कारण
इसका मुख्य कारण फिटनेस और ब्यूटी का नया मानक है। कांस्य रंग को 'हेल्दी और एथलेटिक' लुक से जोड़ा जा रहा है। इन्फ्लुएंसर्स इसे लाइफस्टाइल के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि डॉक्टर और आम लोग चेतावनी दे रहे हैं।
कई लोग सनबर्न, पिग्मेंटेशन और एलर्जी के अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
सुरक्षित धूप में रहने के उपाय
क्या करें?
यदि धूप में जाना आवश्यक है, तो सुबह 10 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद जाएं। हमेशा SPF 30+ का सनस्क्रीन, टोपी और धूप का चश्मा लगाएं। टैन अस्थायी है, लेकिन UV से होने वाला नुकसान लंबे समय तक रह सकता है। ट्रेंड के पीछे अपनी त्वचा को जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।
