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प्राचीन इफिसस में मिली 1200 साल पुरानी कब्र: जुड़वां बच्चों के रहस्यमय अवशेष

तुर्की के प्राचीन शहर इफिसस में पुरातत्वविदों ने 1200 साल पुरानी एक कब्र की खोज की है, जिसमें प्री-मैच्योर जन्मे जुड़वां बच्चों के अवशेष मिले हैं। इस खोज ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है, खासकर जब एक बच्चे में एक अतिरिक्त पसली पाई गई। यह कब्र एक बंद पड़े रोमन शौचालय के नीचे स्थित है, जो उस समय की ईसाई परंपराओं के अनुसार दफनाने की अनोखी स्थिति को दर्शाती है। इस खोज ने प्राचीन समाज की मानवीय भावनाओं और रीति-रिवाजों का एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।
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प्राचीन खोज ने वैज्ञानिकों को चौंकाया

नई दिल्ली: तुर्की के ऐतिहासिक शहर इफिसस में पुरातत्वविदों ने एक अद्वितीय खोज की है, जिसने वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को चकित कर दिया है। प्रसिद्ध 'आर्टेमिस मंदिर' के निकट एक पुराने रोमन शौचालय के नीचे 1200 साल पुरानी एक अनोखी कब्र का पता चला है। जब शोधकर्ताओं ने इस पत्थर की कब्र को खोला, तो उन्हें दो छोटे कंकाल मिले। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि ये अवशेष प्री-मैच्योर जन्मे जुड़वां बच्चों के हैं, जिनका जन्म गर्भावस्था के लगभग 7 से 7.5 महीने के बीच हुआ था.


दुर्लभ जेनेटिक स्थिति का पता चला

दुर्लभ जेनेटिक बदलाव ने चौंकाया

ऑस्ट्रियन एकेडमी ऑफ साइंसेज की वैज्ञानिकों कैरोलिन पार्टियोट और लिली जब्राना ने इस खोज पर गहन अध्ययन किया है, जो अंतर्राष्ट्रीय जर्नल 'चाइल्डहुड इन द पास्ट' में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों को तब बड़ा झटका लगा जब उन्होंने देखा कि एक बच्चे की गर्दन के पास एक अतिरिक्त पसली थी, जिसे चिकित्सकीय भाषा में 'सुपरन्यूमेरी सर्वाइकल रिब' कहा जाता है। यह एक अत्यंत दुर्लभ जेनेटिक स्थिति है, जो केवल एक प्रतिशत जनसंख्या में पाई जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि नवजात शिशु में यह बदलाव 'HOX जीन' में गड़बड़ी के कारण हुआ, जो गर्भ में शिशु के विकास को नियंत्रित करता है। इसी कारण बच्चों की असामयिक मृत्यु हुई होगी.


क्यों दफनाया गया आम कब्रिस्तान से अलग?

आम कब्रिस्तान से अलग क्यों दफनाया गया?

इफिसस में सामान्यतः कब्रें मुख्य कब्रिस्तान में मिलती हैं, लेकिन इन बच्चों को एक बंद पड़े टॉयलेट के नीचे दफनाया गया था। शोधकर्ताओं का मानना है कि उस समय की ईसाई परंपराओं के अनुसार, शायद बच्चों की मृत्यु बपतिस्मा संस्कार से पहले ही हो गई थी, जिसके कारण उन्हें मुख्य ईसाई कब्रिस्तान में दफनाने का अवसर नहीं मिला.


कब्र की विशेषताएँ

कब्र की खासियत

हालांकि, जिस खूबसूरती और मजबूती से इस कब्र को बनाया गया था, वह दर्शाता है कि परिजनों ने अपने नवजात शिशुओं को गहरे सम्मान और प्रेम के साथ अंतिम विदाई दी थी। खुदाई के दौरान बच्चों की मां से संबंधित कोई अवशेष नहीं मिले, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि प्रसव के समय मां जीवित थी या नहीं। यह 1200 साल पुरानी खोज प्राचीन काल की मानवीय भावनाओं और उस समय के समाज के रीति-रिवाजों का एक भावुक प्रमाण प्रस्तुत करती है.