राजस्थान में पैंथर का आतंक: शराब की दुकान में घुसकर मचाई अफरा-तफरी
पैंथर का टोडारायसिंह में प्रवेश
जयपुर: रविवार की सुबह राजस्थान के टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे में एक पैंथर के जंगल से भटककर रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र में पहुंचने से हड़कंप मच गया। इस दौरान पैंथर ने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। हालांकि, एक शराब की दुकान के सेल्समैन की चतुराई से बड़ा हादसा टल गया और वन विभाग की टीम ने लगभग पांच घंटे की मेहनत के बाद पैंथर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
वन विभाग को सूचना कब मिली?
सुबह करीब 8:45 बजे पैंथर के झाड़ियों में देखे जाने की सूचना वन विभाग को मिली। मौके पर पहुंचे वन विभाग के स्वयंसेवक राकेश ने स्थिति का जायजा लेते ही पैंथर के हमले का सामना किया। घायल होने के बावजूद राकेश ने अपनी जान बचाने में सफलता पाई। इसके बाद पैंथर तेजी से भागकर करीब 400 मीटर दूर व्यावसायिक क्षेत्र में पहुंच गया, जहां लोगों की भारी भीड़ थी। इससे बाजार में भगदड़ मच गई।
पैंथर का दुकान में कैद होना
व्यापारिक क्षेत्र में पहुंचकर पैंथर ने सबसे पहले दुकान के बाहर बैठे फतेह लाल कोली पर हमला किया। इसके बाद वह एक शराब की दुकान में घुस गया, जहां सेल्समैन संजय गुर्जर मौजूद थे। पैंथर ने संजय को भी घायल कर दिया, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत दुकान से बाहर कूदकर शटर बंद कर दिया। इससे पैंथर दुकान के अंदर ही कैद हो गया।
पुलिस और वन विभाग की टीम का पहुंचना
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पूरे इलाके को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बनाया। इसके साथ ही जयपुर से वन्यजीव चिकित्सकों और रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया। लंबे इंतजार के बाद टीम ने दुकान की खिड़की और रोशनदान के जरिए ट्रेंकुलाइजर गन से पैंथर को बेहोश किया। इसके बाद उसे सुरक्षित पिंजरे में बंद कर बाहर निकाला गया।
घायलों का अस्पताल में उपचार
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वन मित्र राकेश को छुट्टी दे दी गई, जबकि संजय गुर्जर और फतेह लाल को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वन विभाग का मानना है कि पैंथर शायद भोजन या पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचा था। फिलहाल उसकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
