इंडोनेशिया का कावाह इजेन: नीली आग का अद्भुत ज्वालामुखी नजारा
ज्वालामुखी की अनोखी विशेषता
नई दिल्ली: जब भी ज्वालामुखी का जिक्र होता है, तो आमतौर पर लाल-नारंगी लावे और धुएं की छवि सामने आती है। लेकिन इंडोनेशिया में एक ऐसा ज्वालामुखी है, जो अपनी अनोखी प्राकृतिक घटना के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां रात के समय लाल लावे के बजाय नीली आग की चमक देखने को मिलती है, जो हर साल हजारों पर्यटकों और फोटोग्राफरों को आकर्षित करती है।
कावाह इजेन: एक अद्वितीय ज्वालामुखी
यह अद्वितीय ज्वालामुखी कावाह इजेन (Kawah Ijen) के नाम से जाना जाता है, जो जावा द्वीप पर स्थित है। इसे उन कुछ स्थानों में गिना जाता है, जहां रात के अंधेरे में नीली लपटें स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं। हालांकि इसे अक्सर नीला लावा कहा जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सच नहीं है।
नीली आग का रहस्य
कावाह इजेन से निकलने वाली सल्फर गैस जब उच्च तापमान पर हवा के संपर्क में आती है, तो यह नीली लपटों का निर्माण करती है। यही कारण है कि रात के समय यह ज्वालामुखी नीले लावे की तरह दिखाई देता है। वैज्ञानिक इसे ब्लू फायर के नाम से जानते हैं। दिन में यह स्थान सामान्य ज्वालामुखी जैसा दिखता है, लेकिन रात में इसका दृश्य पूरी तरह बदल जाता है।
कावाह इजेन केवल अपनी नीली आग के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे अम्लीय झीलों में से एक के लिए भी जाना जाता है। यहां कई स्थानीय श्रमिक सल्फर निकालने का कार्य करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
कावाह इजेन तक पहुंचने का मार्ग
पर्यटकों को इस ज्वालामुखी तक पहुंचने के लिए पहले बाली या जावा के प्रमुख शहरों से यात्रा करनी होती है। इसके बाद लगभग तीन से चार घंटे की रात की ट्रेकिंग करनी होती है। सुरक्षा के लिए स्थानीय गाइड के साथ चलना बेहतर होता है। आधी रात के बाद नीली आग का दृश्य सबसे स्पष्ट होता है। कावाह इजेन अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण कई अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री और प्रकृति आधारित कार्यक्रमों में भी शामिल हो चुका है। यह स्थल इंडोनेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां प्रशासन पर्यटकों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दे रहा है।
