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ईरान की छात्रा आहू दरयाई की कहानी: एक वीडियो ने बदल दी जिंदगी

ईरान की छात्रा आहू दरयाई का एक वीडियो, जिसमें वह केवल अंडरगारमेंट्स में दिखाई दी, ने दुनियाभर में हलचल मचा दी। इस घटना के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और उनके साथ कई अत्याचार हुए। अब, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि आहू एक नई यूनिवर्सिटी में टेक्सटाइल्स की पढ़ाई कर रही हैं। जानें उनके संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिक्रियाओं के बारे में।
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आहू दरयाई का वायरल वीडियो


नई दिल्ली: 2 नवंबर 2024 को ईरान की राजधानी तेहरान में इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी में आहू दरयाई नाम की एक छात्रा का एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में वह केवल अंडरगारमेंट्स में कैंपस में घूमती हुई दिखाई दी। इस घटना के बाद उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए, जिससे यह मामला ईरान में महिलाओं के ड्रेस कोड के खिलाफ एक विरोध के रूप में देखा गया। इसके परिणामस्वरूप, सुरक्षा बलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।


आहू की वर्तमान स्थिति

अब कहां है वायरल गर्ल आहू


लगभग एक साल और नौ महीने बाद, ब्रिटेन के एक मीडिया चैनल की रिपोर्ट में आहू की वर्तमान स्थिति का खुलासा हुआ है। अब 32 वर्षीय आहू एक नई यूनिवर्सिटी में टेक्सटाइल्स की पढ़ाई कर रही हैं। रिपोर्ट में उनके एक करीबी मित्र के हवाले से बताया गया है कि घटना के समय उनका हिजाब सिर से खिसक गया था। कुछ अधिकारियों ने उन्हें रोककर एक कमरे की ओर ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान उनके कपड़े फटने लगे, जिसके बाद आहू ने खुद को कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया और कैंपस में घूमने लगीं।


हिरासत में आहू का अनुभव

बिस्तर से बांधे गए हाथ-पैर


सुरक्षा बलों ने उन्हें हिरासत में लेकर एक वैन में बैठाया। उनके दोस्त का दावा है कि रास्ते में उनके साथ मारपीट की गई और पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उन्हें दवा दी गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके हाथ-पैर बिस्तर से बांध दिए गए। रिपोर्ट के अनुसार, 18 दिन बाद आहू को अस्पताल से रिहा किया गया। उनके मित्र का आरोप है कि रिहाई के बाद भी उन पर निगरानी रखी गई और उन्हें मानसिक बीमारी का मरीज बताया गया। उन्हें नियमित रूप से फ्लूपेंटिक्सोल का इंजेक्शन लेने की सलाह दी गई।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

रिहाई को लेकर की गई मांग


इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया हुई थी। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आहू की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की थी। ब्रिटेन में ईरानी कार्यकर्ताओं ने भी उनके समर्थन में प्रदर्शन किए। दूसरी ओर, ईरानी सरकार ने इस घटना को महिलाओं के ड्रेस कोड के विरोध से जोड़ने और गिरफ्तारी के दौरान हिंसा के आरोपों से इनकार किया। आज भी आहू दरयाई का वह वीडियो ईरान में महिलाओं की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के लिए जारी बहस का प्रतीक बना हुआ है।