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कैसे एक पूर्व Amazon कर्मचारी ने ड्राइविंग को बनाया अपना जुनून: कुमार की प्रेरणादायक कहानी

हैदराबाद के एक पूर्व Amazon कर्मचारी ने अपने जुनून को जीने के लिए कैब ड्राइवर बनने का साहस दिखाया। उनकी कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। कुमार ने बताया कि ड्राइविंग उनके लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने का एक माध्यम है। उन्होंने 2014 से Uber के साथ ड्राइविंग शुरू की और अब तक 23,600 से अधिक यात्राएं पूरी की हैं। उनकी यह यात्रा हमें यह सिखाती है कि असली सफलता खुशी और संतोष में है, न कि केवल बड़ी सैलरी में।
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कैसे एक पूर्व Amazon कर्मचारी ने ड्राइविंग को बनाया अपना जुनून: कुमार की प्रेरणादायक कहानी

एक अनोखी कहानी जो दिल को छू ले


नई दिल्ली: आजकल, अधिकांश लोग अच्छी सैलरी और प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी को सफलता का मानक मानते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने दिल की सुनते हैं और वही करते हैं जो उन्हें सच्ची खुशी देता है। हैदराबाद के एक व्यक्ति की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। पहले Amazon जैसी बड़ी कंपनी में काम करने वाले इस शख्स ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर कैब ड्राइवर बनने का निर्णय लिया। यह जानकर हैरानी होती है कि उन्होंने यह कदम मजबूरी में नहीं, बल्कि अपने शौक और जुनून को जीने के लिए उठाया।


कैसे हुई कुमार से मुलाकात?

इस प्रेरणादायक कहानी को सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट क्रिएटर चेतना सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किया। एक दिन जब वह उबर कैब में यात्रा कर रही थीं, तब उनकी मुलाकात ड्राइवर कुमार से हुई। बातचीत के दौरान कुमार ने अपने जीवन से जुड़ी कुछ बातें साझा कीं, जो चेतना को भी चौंका गईं। वीडियो में बताया गया कि कुमार पहले Amazon में कार्यरत थे, लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर Uber और Rapido के साथ ड्राइविंग शुरू कर दी। यह जानकर कई लोग आश्चर्यचकित रह गए कि एक बड़ी कंपनी की नौकरी छोड़कर किसी ने अपनी पसंद के काम को चुना।


ड्राइविंग: सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि जुनून

कुमार ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें ड्राइविंग करना बेहद पसंद है। उनके लिए यह केवल आजीविका कमाने का साधन नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने का एक तरीका भी है। उन्होंने कहा कि हर दिन नए लोगों से मिलना, उनकी बातें सुनना और उनके जीवन के अनुभवों को जानना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। कई बार उन्हें दूसरे राज्यों और देशों से आए यात्रियों से मिलने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें नई चीजें सीखने को मिलती हैं। कुमार के अनुसार, इस पेशे ने उन्हें हैदराबाद शहर को और करीब से जानने का मौका भी दिया है।


सामाजिक दबावों से ऊपर अपनी खुशी को रखा

भारत जैसे देश में अक्सर लोग परिवार, समाज और जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं। ऐसे माहौल में कुमार का निर्णय काफी अलग नजर आता है। चेतना सिंह ने भी वीडियो के साथ लिखा कि किसी ऐसे व्यक्ति से मिलना प्रेरणादायक था जिसने समाज की अपेक्षाओं से ज्यादा अपनी खुशी और संतोष को महत्व दिया। उनका मानना है कि बहुत कम लोग अपने मन का काम चुनने का साहस कर पाते हैं।


2014 से कर रहे हैं कैब ड्राइविंग

जब कुमार से पूछा गया कि वह कब से ड्राइविंग कर रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि Amazon की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने 2014 में Uber से जुड़कर यह सफर शुरू किया था। एक दशक से अधिक समय में उन्होंने 23,600 से अधिक यात्राएं पूरी की हैं। यह आंकड़ा सुनकर कई लोग हैरान रह गए। इससे स्पष्ट है कि उन्होंने अपने काम को पूरी लगन और ईमानदारी से किया है।


लोगों ने की जमकर तारीफ

वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने कुमार की सोच और फैसले की सराहना की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा कि यह कहानी उन्हें अपने पुराने सपनों और शौक को फिर से याद दिलाती है। एक यूजर ने लिखा कि जिंदगी में वही काम करना चाहिए जिससे खुशी मिले। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि कुमार ने भीड़ के पीछे चलने के बजाय अपनी अलग पहचान बनाई है।


कई लोगों का मानना है कि सफलता केवल बड़ी नौकरी या ऊंची सैलरी से नहीं मापी जा सकती। असली सफलता वही है जब इंसान अपने काम से संतुष्ट और खुश महसूस करे। कुमार की कहानी इसी सोच को मजबूत करती है और यह संदेश देती है कि अगर जुनून सच्चा हो तो हर रास्ता खास बन सकता है।