कोयंबटूर की कंपनी ने कर्मचारी के दुख में दिखाई संवेदनशीलता, जानें पूरी कहानी
कर्मचारी के परिवार का सहारा बनी कंपनी
नई दिल्ली: बेंगलुरु के एक उद्यमी की सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट इन दिनों काफी चर्चा में है। उन्होंने कोयंबटूर की एक 50 साल पुरानी कंपनी की एक दिल छू लेने वाली कहानी साझा की है, जिसने एक कर्मचारी के पिता के निधन के बाद उसके परिवार का सहारा बनकर सबका ध्यान खींचा। इस कंपनी ने न केवल कर्मचारी को चार हफ्ते से अधिक की छुट्टी दी, बल्कि उसके पिता के इलाज में हुए खर्च का 20 प्रतिशत भी वापस किया।
कंपनी की संवेदनशीलता की मिसाल
एपिक स्लोप पार्टनर्स के संस्थापक विबिन बाबूराजन ने X पर बताया कि यह मामला उनके परिवार से संबंधित है। हाल ही में उनके अंकल का निधन हुआ था। इसके बाद, कंपनी के चेयरमैन ने खुद उनकी कजिन से संपर्क कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। बाबूराजन के अनुसार, यह कंपनी 40 से अधिक देशों में अपने उत्पादों का निर्यात करती है। ऐसे समय में कंपनी की संवेदनशीलता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से यह स्पष्ट होता है कि पुराने समय में कर्मचारी अपने संस्थान के प्रति कितना गहरा जुड़ाव महसूस करते थे।
कंपनी का नाम गुप्त
कंपनी का नाम अभी भी सामने नहीं आया
बाबूराजन ने अपनी पोस्ट में कंपनी का नाम उजागर नहीं किया। जब सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कंपनी का नाम जानने की कोशिश की, तो उन्होंने केवल इतना बताया कि यह कोई शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी नहीं है और इसका नाम अंग्रेजी के 'R' अक्षर से शुरू होता है। इसके बाद, कमेंट सेक्शन में लोगों ने विभिन्न अनुमान लगाने शुरू कर दिए। कई उपयोगकर्ताओं ने कोयंबटूर के रूट्स ग्रुप ऑफ कंपनीज का नाम लिया, लेकिन बाबूराजन ने इस अनुमान की पुष्टि नहीं की।
सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
इस पोस्ट के सामने आने के बाद, कई लोगों ने कंपनी के व्यवहार की सराहना की। उपयोगकर्ताओं ने कहा कि किसी कर्मचारी के व्यक्तिगत दुख के समय आर्थिक सहायता और पर्याप्त छुट्टी देना केवल नौकरी के नियमों से परे है। इससे एक बेहतर और मानवीय कार्यस्थल की छवि उभरती है। कुछ लोगों ने पारिवारिक व्यवसायों में कर्मचारियों के साथ बेहतर संबंधों की बात की, जबकि अन्य ने कहा कि कंपनियों को कर्मचारियों की जरूरतों और कठिनाइयों को समझना चाहिए। कई लोगों ने कंपनी की सफलता और भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
