क्या मिस्र में ट्रैवल करना है महंगा? एक भारतीय महिला की कहानी ने बढ़ाई बहस
महिला ट्रैवलर का अनुभव
नई दिल्ली: मिस्र के पिरामिड और ममी विश्वभर के यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, लेकिन एक भारतीय महिला ट्रैवलर के लिए यह यात्रा एक बुरा अनुभव बन गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @wittyspace2 पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, "मैं दुनिया के सबसे ठगे जाने वाले देश में गई थी।" उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसने ट्रैवलर्स के बीच चर्चा को जन्म दिया है।
पिरामिड देखने का सपना
महिला ने बताया कि पिरामिड देखना उनका बचपन का सपना था। जब वह मिस्र पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि हर जगह पैसे वसूलने का एक सिस्टम है। गीजा पिरामिड कॉम्प्लेक्स में प्रवेश के लिए अलग से टिकट लेना पड़ता है, और यदि किसी पिरामिड के अंदर जाना है, तो उसके लिए भी अतिरिक्त पैसे देने होते हैं। म्यूजियम और लक्सर में तूतनखामुन के मकबरे के लिए भी अलग-अलग टिकट की आवश्यकता होती है। महिला ने इसे 'मेन्यू सिस्टम' कहा, जहां हर चीज के लिए अलग बिल बनता है।
ठगी का अनुभव
कैब से लेकर टिप तक, हर जगह ठगी
महिला ने बताया कि केवल टिकट ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट के मामले में भी उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। काहिरा में उबर जैसी ऐप्स काम करती हैं, लेकिन अन्य शहरों में स्थिति खराब है। लक्सर में, ऐप पर कैब का किराया 100 मिस्रियन पाउंड दिखाया गया, लेकिन स्थानीय ड्राइवर 1000 से 1200 पाउंड मांग रहे थे। उन्होंने कहा कि कई लोग पास आकर पूछते हैं कि वे कहां से हैं और फिर बख्शीश मांगने लगते हैं। पूरे सफर में उन्हें ऐसा लगा जैसे हर कोई उन्हें ठगने की कोशिश कर रहा है। इस कारण वह अपनी यात्रा जल्दी समाप्त करना चाहती थीं।
वीडियो पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो पर लोगों के रिएक्शन
महिला के वीडियो के बाद कमेंट सेक्शन में विभिन्न प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने लिखा, "वीडियो के लिए धन्यवाद, मिस्र मेरे सपनों की जगह थी, लेकिन अब आपका अनुभव सुनकर मैं नहीं जाना चाहता।" वहीं, कुछ लोगों ने मिस्र का बचाव किया। एक यूजर ने कहा, "मैंने मिस्र में बहुत सुरक्षित महसूस किया, टिपिंग कल्चर खराब है, लेकिन गांव के लोग शहर से बेहतर हैं।" दरअसल, मिस्र में टूरिस्टों से ओवरचार्जिंग और फर्जी गाइड की शिकायतें नई नहीं हैं, और इस महिला के वीडियो ने एक बार फिर इन मुद्दों को उजागर किया है।
