क्या शादी में आय का अंतर बनाता है समस्या? एक युवक की कहानी ने किया है सबको सोचने पर मजबूर
शादी के लिए साथी चुनने का नया नजरिया
नई दिल्ली: जब लोग अपने जीवनसाथी का चुनाव करते हैं, तो वे अक्सर शिक्षा, पेशा, परिवार और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कहानी ने इस विषय पर नई बहस छेड़ दी है। एक उच्च आय वाले पेशेवर की शादी से जुड़ी शर्तों ने इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना दिया है। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी जानकारी।
कबीर मेनन का अनुभव
यह मामला तब सामने आया जब कबीर मेनन नामक एक एक्स यूजर ने अपने मित्र का अनुभव साझा किया। उनके अनुसार, 34 वर्षीय यह व्यक्ति देश के प्रमुख संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर चुका है और एक बड़ी कंसल्टिंग कंपनी में एसोसिएट पार्टनर के रूप में कार्यरत है। उसकी वार्षिक आय लगभग 1.6 करोड़ रुपये है।
I have a friend in India who earns 1.6 cr per annum. He is 34 years old and works in one of the Big 4 consulting firms.
— Kabir Menon (@the_psyche_lab) June 11, 2026
Recently, he made his profile on https://t.co/Txcv5mP8Lp and was flooded with messages within a week.
But, most of the women who pinged him have very low…
मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाना
कबीर के अनुसार, युवक ने हाल ही में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। कुछ ही दिनों में उसे कई विवाह प्रस्ताव प्राप्त हुए। लेकिन बातचीत के दौरान उसे पता चला कि अधिकांश महिलाएं कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्यरत हैं और उनकी वार्षिक आय 6 से 15 लाख रुपये के बीच है। इसके अलावा, वे शादी और बच्चों के बाद भी अपने करियर को जारी रखना चाहती हैं।
आय के अंतर पर विचार
युवक का मानना है कि यदि पति-पत्नी की आय समान होती है, तो वे घरेलू जिम्मेदारियों और बच्चों की परवरिश को बेहतर तरीके से साझा कर सकते हैं। दूसरी ओर, यदि पत्नी घर और बच्चों की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ना चाहती है, तो वह अकेले आर्थिक जिम्मेदारी उठाने को भी तैयार है। हालांकि, उसे उन परिस्थितियों पर आपत्ति है जहां आय में बड़ा अंतर हो और दोनों नौकरी करते रहें।
पुरुषों के अधिकार पर सवाल
कबीर ने अपनी पोस्ट में यह सवाल उठाया कि यदि महिलाएं शादी के लिए अधिक कमाई करने वाले पुरुषों को प्राथमिकता देती हैं, तो पुरुषों द्वारा आय को एक मानदंड मानना गलत क्यों है। उनका तर्क है कि अरेंज्ड मैरिज में दोनों पक्षों को अपनी पसंद और प्राथमिकताएं तय करने का अधिकार है।
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए। कुछ लोगों ने इसे व्यावहारिक दृष्टिकोण बताया, जबकि अन्य ने कहा कि शादी को केवल आर्थिक समीकरणों के आधार पर नहीं देखना चाहिए। कई यूजर्स का मानना है कि किसी व्यक्ति की वर्तमान आय के बजाय उसकी क्षमता और रिश्ते निभाने की समझ को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
