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क्या है वो अनोखा तरीका जिससे फिजिक्स बन गया मजेदार? जानिए शिक्षिका निधि गुप्ता की कहानी

दिल्ली की शिक्षिका निधि गुप्ता ने एक अनोखे प्रयोग से भौतिकी को मजेदार बना दिया है। उन्होंने क्लासरूम में अंधेरा करके और लेजर लाइट का उपयोग करके छात्रों को सिद्धांतों को समझाने का नया तरीका अपनाया। उनका यह प्रयोग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। जानिए इस प्रयोग के बारे में और कैसे यह बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान बना रहा है।
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नई दिल्ली में शिक्षिका का अनोखा प्रयोग


नई दिल्ली: भौतिकी के नियम अक्सर किताबों में पढ़ते समय सरल लगते हैं, लेकिन परीक्षा के बाद ये याददाश्त से गायब हो जाते हैं। विशेषकर फिजिक्स जैसे विषय में, जहां जटिल चित्र और परिभाषाएं छात्रों को भ्रमित कर देती हैं। लेकिन जब कोई शिक्षक इन सिद्धांतों को वास्तविकता में दिखाता है, तो सबसे कठिन पाठ भी खेल की तरह आसान हो जाता है। हाल ही में एक वीडियो में शिक्षिका निधि गुप्ता ने अपने छात्रों को एक नए और रोचक तरीके से पढ़ाते हुए दिखाया है। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और शिक्षिका के प्रयासों की प्रशंसा की जा रही है।


क्लासरूम में अंधेरा और नया अनुभव

इस वीडियो में, निधि गुप्ता ने छात्रों को पढ़ाने के लिए क्लासरूम की सभी लाइटें बंद कर दीं। इस अनोखे तरीके से उन्होंने पढ़ाई को एक नया मोड़ दिया।


 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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प्रयोग ने रटने की जरूरत को खत्म किया

रटने की मजबूरी हुई खत्म


'आपतन कोण' और 'परावर्तन कोण' जैसे शब्दों को याद करने में जो मेहनत बच्चों को करनी पड़ती थी, वह इस प्रयोग ने चुटकियों में हल कर दी। जब सिद्धांत आंखों के सामने घटित होते हैं, तो उन्हें रटने की आवश्यकता नहीं रह जाती।


लेजर और पाउडर से बना अद्भुत दृश्य

लेजर और पाउडर से रोशन हुआ रास्ता


इस प्रयोग के लिए शिक्षिका ने एक साधारण दर्पण और लेजर लाइट का उपयोग किया। जैसे ही लेजर की किरण शीशे पर टकराई, वह दिशा बदलकर वापस मुड़ गई। इस प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने हवा में हल्का पाउडर छिड़का, जिससे बच्चे देख सके कि प्रकाश किस कोण से आया और किस कोण पर वापस लौटा।


सोशल मीडिया पर शिक्षिका की सराहना

सोशल मीडिया पर तारीफों की झड़ी


वीडियो के वायरल होते ही शिक्षिका के प्रयासों की प्रशंसा की गई। कई यूजर्स ने कहा कि अगर हर स्कूल में इसी तरह प्रयोगों के माध्यम से पढ़ाई होती, तो बच्चे विज्ञान से नहीं डरते। कुछ ने भावुक होकर लिखा कि काश उनके स्कूल के दिनों में भी ऐसे शिक्षक होते। एक यूजर ने मजाक में कहा कि वह अपने पुराने टीचर को ढूंढ रहा है, ताकि पूछ सके कि उन्हें ऐसा पढ़ाना क्यों नहीं आया।