चीन में पैराग्लाइडर का खौफनाक हादसा: क्रेन में फंसा युवक, चार घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पैराग्लाइडिंग का रोमांच और खतरनाक मोड़
नई दिल्ली: आसमान में उड़ने का अनुभव हर किसी को लुभाता है, लेकिन कभी-कभी यह रोमांच भयानक हादसे में बदल सकता है। हाल ही में चीन के नानचेंग शहर में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक पैराग्लाइडर की जान अचानक संकट में पड़ गई। तेज हवा के झोंके ने उसका संतुलन बिगाड़ दिया और वह एक ऊंची क्रेन में फंस गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
जानकारी के अनुसार, पैराग्लाइडर सामान्य उड़ान भर रहा था और सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन थोड़ी देर बाद मौसम ने करवट ली और तेज हवा चलने लगी। हवा के झोंकों के कारण पैराग्लाइडर का नियंत्रण बिगड़ गया। पायलट अपने पैराशूट को सही दिशा में ले जाने में असमर्थ रहा और वह एक निर्माणाधीन क्षेत्र की ओर बह गया।
क्रेन में उलझा पैराशूट
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पैराशूट की रस्सियां निर्माण स्थल पर स्थित एक विशाल टावर क्रेन में फंस गईं। देखते ही देखते पूरा पैराग्लाइडर क्रेन के ऊपरी हिस्से में अटक गया और व्यक्ति हवा में लटक गया। बताया गया कि वह जमीन से लगभग 200 फीट की ऊंचाई पर फंसा हुआ था। इतनी ऊंचाई पर बिना सहारे लटकना बेहद खतरनाक था। नीचे मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य काफी डरावना था।
जैसे ही लोगों ने हवा में लटके व्यक्ति को देखा, उन्होंने तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया। शाम के समय मिली सूचना के बाद राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन आसान नहीं था। निर्माण स्थल पर भारी मशीनें, मलबा और गहरे गड्ढे मौजूद थे, जिससे सामान्य तरीके से बचाव कार्य करना संभव नहीं था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि व्यक्ति ऊंची क्रेन में फंसा हुआ है और बचाव दल उसे सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है।
चार घंटे तक चला बचाव अभियान
फायर ब्रिगेड और बचाव टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद एक विशेष रणनीति अपनाई। टीम ने एक लंबी हाइड्रोलिक सीढ़ी की मदद से ऊपर पहुंचने की योजना बनाई। करीब 236 फीट लंबी सीढ़ी के सहारे बचावकर्मी धीरे-धीरे क्रेन तक पहुंचे। इसके बाद सावधानी से पैराशूट की उलझी हुई रस्सियों को काटा गया और व्यक्ति को सुरक्षित नीचे लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। कई घंटे की मेहनत के बाद रात करीब 10 बजे उसे सफलतापूर्वक जमीन पर उतार लिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोग भी लगातार राहत कार्य पर नजर बनाए हुए थे।
डिहाइड्रेशन की समस्या
लगातार कई घंटों तक ऊंचाई पर लटके रहने के कारण व्यक्ति की स्थिति कमजोर हो गई थी। लंबे समय तक हवा में रहने, पानी न मिलने और मानसिक तनाव के कारण उसे डिहाइड्रेशन की समस्या हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि उसे कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं आई। बचाव के तुरंत बाद उसे प्राथमिक उपचार दिया गया और स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
