तमिलनाडु में ठगों ने ग्रामीणों को बनाया शिकार, सिर मुंडवाने का दिया झांसा
धोखाधड़ी का अनोखा मामला
नई दिल्ली: हाल ही में तमिलनाडु के सलेम जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कुछ ठगों ने ग्रामीणों को एक नकली सरकारी योजना के माध्यम से धोखा देने का प्रयास किया। आरोप है कि इन ठगों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर फोन किया और कहा कि एक नई संक्रामक बीमारी का खतरा है, जिससे बचने के लिए लोगों का सिर मुंडवाना आवश्यक है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सिर मुंडवाने वालों को सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता मिलेगी।
विशेष योजना का झूठा दावा
जानकारी के अनुसार, ठगों ने कई ग्रामीणों को फोन करके बताया कि बालों के कारण कोविड-19 जैसी नई बीमारी फैलने का खतरा है। कॉल करने वालों ने लोगों को विश्वास दिलाने के लिए सरकारी कर्मचारी होने का दावा किया और कहा कि राज्य सरकार ने इस बीमारी की रोकथाम के लिए एक विशेष योजना शुरू की है।
इस दौरान, फोन पर ग्रामीणों को विभिन्न श्रेणियों के अनुसार पैसे मिलने का आश्वासन भी दिया गया। महिलाओं को सिर मुंडवाने पर 15,000 रुपये, स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को 45,000 रुपये और एक लैपटॉप, जबकि पुरुषों को 6,000 रुपये देने का वादा किया गया। इसके अलावा, लोगों से कहा गया कि वे इस योजना की जानकारी अपने रिश्तेदारों और आस-पास के लोगों तक भी पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
लालच में आकर सिर मुंडवाने की घटना
ठगों ने ग्रामीणों को यह भी निर्देश दिया कि अगले दिन दोपहर तक सिर मुंडवा लें, क्योंकि उसके बाद सरकारी अधिकारी गांव में आकर लाभार्थियों को सहायता राशि देंगे। इसी लालच में आकर तीन महिलाओं ने अपना सिर मुंडवा लिया। हालांकि, जब महिलाओं ने वादा की गई राशि के बारे में जानकारी लेने के लिए उसी नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन बंद मिला।
फर्जी कॉल का खुलासा
इसके बाद ग्रामीणों को एहसास हुआ कि वे एक फर्जी कॉल का शिकार हो गए हैं। घटना की जानकारी फैलते ही गांव के अन्य लोगों ने भी सिर मुंडवाने का निर्णय टाल दिया। यह मामला एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की सीख देता है। किसी भी सरकारी योजना या आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना बेहद आवश्यक है, ताकि इस तरह की ठगी और अफवाहों से बचा जा सके।
