नेपाल की बाढ़ से बिहार में मछलियों की बाढ़: क्या है इस अजीब घटना का सच?
भयंकर बाढ़ का अजीब असर
नई दिल्ली: नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा का एक अनोखा और चौंकाने वाला पहलू बिहार के मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे यह बाढ़ भारी मात्रा में मलबा, घरेलू सामान और विशाल मछलियों का एक समूह लेकर भारत में प्रवेश कर गई। नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को आई बाढ़ जब बिहार की सीमाओं में पहुंची, तो स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों के लिए यह एक आश्चर्य का विषय बन गया।
विशाल मछलियों का जाल में फंसना
कई मछलियों का वजन डेढ़ क्विंटल तक
गंडक नदी में जाल डालते ही मछुआरों को विशाल मछलियां मिली हैं। इनमें गोजटा या गूनच कैटफिश, बघार, ग्रास कार्प, बराली और रोहू जैसी प्रजातियां शामिल हैं। जहां आमतौर पर छोटी मछलियां मिलती थीं, वहीं इस बार जाल में 40 से 50 किलो से लेकर 90 किलो और 150 किलो तक की विशाल मछलियां फंस रही हैं। तेज बहाव के कारण कुछ मछलियां किनारे पर मृत अवस्था में भी पाई गई हैं।
बिहार के मछुआरों के लिए एक सुनहरा अवसर
बिहार के मछुआरों का जैकपॉट
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा का एक अजीब और हैरान कर देने वाला पहलू बिहार के मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। नेपाल की पहाड़ियों से शुरू हुआ यह जलप्रलय भोटेकोशी नदी से होते हुए त्रिशूली और फिर नारायणी नदी में पहुंचा। वाल्मीकिनगर के पास नारायणी नदी भारत में गंडक का रूप ले लेती है। तेज बहाव के कारण नेपाल के जलाशयों और पहाड़ी नदियों की भारी-भरकम मछलियां भी धारा के साथ बहकर बिहार के गोपालगंज, बगहा, वाल्मीकिनगर और मंगलपुर घाट तक पहुंच गईं। इससे स्थानीय लोगों में भी हैरानी फैल गई। नेपाल की इस आपदा ने बिहार के सीमावर्ती इलाकों में खौफ के साथ-साथ कौतूहल और हैरानी का माहौल बना दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
नदी किनारे से इन वजनी मछलियों को रस्सियों से खींचने, तराजू पर तौलने और दो-दो बाइकों या ठेलों पर लादकर ले जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब तहलका मचा रहे हैं। इंटरनेट यूजर्स इसे 'आपदा में अवसर' का अनोखा नजारा बता रहे हैं। हालांकि, विशालकाय गूनच और कैटफिश जैसी प्रजातियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है। जानकारों और जागरूक लोगों ने इतनी बड़ी मछलियों के स्वास्थ्य और प्रजाति की जांच कराने की मांग की है, साथ ही इन्हें बिना किसी आधिकारिक जानकारी के सीधे खाने से परहेज करने की सलाह भी दी जा रही है। कुल मिलाकर, नेपाल की इस आपदा ने बिहार के सीमावर्ती इलाकों में खौफ के साथ-साथ कौतूहल और हैरानी का माहौल बना दिया है。
