Newzfatafatlogo

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर केक लूटने की अराजकता: क्या है असली तस्वीर?

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर केक लूटने की घटनाओं ने देश की नागरिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। लाहौर और पेशावर में हुई हिंसक झड़पों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन घटनाओं को देखकर न केवल अंतरराष्ट्रीय दर्शक बल्कि पाकिस्तान के नागरिक भी इसे 'जश्न-ए-आजादी' के बजाय 'जश्न-ए-जहालत' कहकर अपने ही तंत्र पर कटाक्ष कर रहे हैं। जानें इस अराजकता के पीछे की कहानी और सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाएं।
 | 

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर अराजकता का मंजर


नई दिल्ली: पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस, जिसे 'यौम-ए-आजादी' कहा जाता है, के अवसर पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने देश की अंतरराष्ट्रीय छवि और नागरिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। विभिन्न शहरों में आयोजित समारोहों में राष्ट्रीय पर्व का उत्सव कम और अराजकता का दृश्य अधिक देखने को मिला। कराची, लाहौर और पेशावर में केक लूटने की होड़ और हिंसक झड़पों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन घटनाओं को देखकर न केवल अंतरराष्ट्रीय दर्शक बल्कि पाकिस्तान के नागरिक भी इसे 'जश्न-ए-आजादी' के बजाय 'जश्न-ए-जहालत' कहकर अपने ही तंत्र पर कटाक्ष कर रहे हैं।


लाहौर के लिबर्टी मार्केट में केक लूटने की होड़


पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में सजाए गए बड़े केक काटने की परंपरा है। लाहौर के प्रसिद्ध लिबर्टी मार्केट में भी एक विशाल हरा और सफेद केक तैयार किया गया था।


 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Abdullah Nawab (@legendpsh)




अब्दुल्ला नवाब नामक एक यूजर द्वारा साझा किए गए वीडियो में देखा गया कि जैसे ही केक काटा गया, वहां मौजूद सैकड़ों लोग बेकाबू हो गए। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए और सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए केक के टुकड़ों पर टूट पड़े।


पेशावर में लाठी-डंडों और बोतलों का इस्तेमाल


यह अराजकता केवल लाहौर तक सीमित नहीं रही, बल्कि पेशावर से भी एक शर्मनाक वीडियो सामने आया। पेशावर में स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान दो समूहों के बीच किसी बात पर बहस हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कांच की बोतलें फेंकी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर 'लाहौर बनाम पेशावर' की बहस छिड़ गई, जहां लाहौर के लोग खुद को अधिक अनुशासित बता रहे थे, जबकि पेशावर के यूजर्स लाहौर के केक लूटने वाले वीडियो का हवाला देकर पलटवार कर रहे थे।


सड़कों पर हंगामे पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं


इन वायरल वीडियो पर दुनिया भर के यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं और इसे देश में नागरिक संवेदनशीलता की कमी से जोड़ा जा रहा है। कई आलोचकों ने इस स्थिति की तुलना पाकिस्तान की कमजोर आर्थिक स्थिति और नागरिकों की हताशा से की। एक पाकिस्तानी यूजर ने तंज करते हुए लिखा कि ब्रिटिश राज के दौरान सब कुछ ठीक था, लेकिन उनके जाने के बाद देश का यह हाल हो गया है। कई लोगों ने इस मौके का उपयोग देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर निशाना साधने के लिए किया, जिसके चलते प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और थल सेनाध्यक्ष असीम मुनीर भी सोशल मीडिया पर आलोचना का शिकार बन रहे हैं। इन दृश्यों को देखकर न केवल दुनिया भर के नेटिजन्स बल्कि पाकिस्तान के आम नागरिक भी इसे 'जश्न-ए-आजादी' के बजाय 'जश्न-ए-जहालत' कहकर अपने ही तंत्र पर कटाक्ष कर रहे हैं।