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पाकिस्तान में ड्राइवरलेस कार का अनोखा टेस्ट: पुलिस से टकराने का वीडियो हुआ वायरल

पाकिस्तान में एक ड्राइवरलेस कार का परीक्षण करते समय एक अनोखी घटना घटित हुई, जब कार अचानक बेकाबू होकर पुलिस की गाड़ी से टकरा गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें पत्रकार मुहम्मद अलीजाह कार की तकनीक का परीक्षण कर रहे थे। बताया जा रहा है कि कार को सैटेलाइट और इंटरनेट के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा था, लेकिन इंटरनेट कनेक्शन में आई समस्या के कारण कार का नियंत्रण बिगड़ गया। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और सोशल मीडिया पर आए मजेदार रिएक्शन।
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पाकिस्तान में ड्राइवरलेस कार का बेतरतीब टेस्ट


नई दिल्ली: पाकिस्तान में एक अनोखे ड्राइवरलेस कार के परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में एक घरेलू रूप से निर्मित ड्राइवरलेस कार सड़क पर परीक्षण के दौरान अचानक बेकाबू हो जाती है और पुलिस की गाड़ी से टकरा जाती है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स के मजेदार रिएक्शन भी देखने को मिल रहे हैं।


सैटेलाइट और इंटरनेट से संचालित

यह घटना इस्लामाबाद के डी-चौक क्षेत्र में हुई, जो संसद भवन के निकट एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। पत्रकार मुहम्मद अलीजाह इस कार की टेस्टिंग को रिकॉर्ड कर रहे थे और खुद भी कार की अगली सीट पर बैठे थे।




जानकारी के अनुसार, कार को सैटेलाइट और इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से दूर से नियंत्रित किया जा रहा था। प्रारंभ में, कार सामान्य तरीके से चल रही थी। वीडियो में पत्रकार कार की तकनीक और विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए दिखाई देते हैं।


अचानक नियंत्रण में आई गड़बड़ी

टेस्टिंग के दौरान अचानक कार के स्टीयरिंग सिस्टम में समस्या उत्पन्न होने लगी। कार बिना रुके पुलिस की गाड़ी की ओर बढ़ने लगी। अलीजाह ने कार को रोकने का प्रयास किया और हैंडब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।


इसके परिणामस्वरूप, कार पुलिस की गाड़ी से टकरा गई। हालांकि, प्राप्त जानकारी के अनुसार, टक्कर में दोनों वाहनों को मामूली नुकसान हुआ और किसी को गंभीर चोटें नहीं आईं।


इंटरनेट कनेक्शन की समस्या?

अलीजाह के अनुसार, कार के बेकाबू होने का मुख्य कारण इंटरनेट कनेक्शन में आई समस्या थी। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में ऑटोमैटिक ड्राइविंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा था, लेकिन कनेक्शन टूटने के बाद कार का नियंत्रण बिगड़ गया।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना का उद्देश्य तकनीक के निर्माता को बदनाम करना नहीं था। हालांकि, इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि ऐसी तकनीकों को सार्वजनिक उपयोग में लाने से पहले पर्याप्त परीक्षण और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।