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फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर मलेरिया का दुर्लभ मामला: जानें क्या है 'एयरपोर्ट मलेरिया'?

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर 'एयरपोर्ट मलेरिया' का दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें छह कर्मचारियों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इस संक्रमण का स्रोत जानने के लिए जांच की जा रही है। जानें क्या है 'एयरपोर्ट मलेरिया', इसके लक्षण और जर्मनी में मलेरिया की स्थिति के बारे में। क्या आम यात्रियों के लिए खतरा है? इस लेख में सभी जानकारी प्राप्त करें।
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फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर मलेरिया का संक्रमण


नई दिल्ली: जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर एक अनोखा मलेरिया संक्रमण, जिसे 'एयरपोर्ट मलेरिया' कहा जा रहा है, तेजी से फैल रहा है। जुलाई से अब तक एयरपोर्ट से जुड़े छह कर्मचारियों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इनमें से दो की मृत्यु हो चुकी है, जबकि चार का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह संक्रमण किसी ऐसे मच्छर के माध्यम से फैल सकता है, जो मलेरिया प्रभावित क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय उड़ान के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचा हो। इस कारण से मामले की गहन जांच की जा रही है।


एयरपोर्ट मलेरिया क्या है?

'एयरपोर्ट मलेरिया' वास्तव में मलेरिया का एक अलग प्रकार नहीं है, बल्कि यह संक्रमण फैलने का एक अत्यंत दुर्लभ तरीका है। यह तब संभव है जब मलेरिया प्रभावित देशों से आने वाले विमानों में मलेरिया फैलाने वाले मच्छर किसी ऐसे देश में पहुंच जाएं, जहां यह बीमारी सामान्यतः नहीं होती। यदि ऐसा मच्छर एयरपोर्ट के आसपास किसी व्यक्ति को काट ले, तो संक्रमण हो सकता है।


फ्रैंकफर्ट के मामले में यह ध्यान देने योग्य है कि संक्रमित कर्मचारियों ने हाल ही में किसी मलेरिया प्रभावित देश की यात्रा नहीं की थी। इसलिए एयरपोर्ट परिसर में संक्रमण के संभावित स्रोत की जांच की जा रही है।


जर्मनी में मलेरिया और मच्छरों की स्थिति

जर्मनी में कई प्रकार के मच्छर पाए जाते हैं, जिनमें एनोफिलीज मच्छर भी शामिल हैं, जो मलेरिया फैलाने में सक्षम होते हैं। हालांकि, जर्मनी में स्थानीय स्तर पर मलेरिया का खतरा काफी कम है। 1950 और 1960 के दशक में मलेरिया उन्मूलन अभियानों के बाद, स्थानीय संक्रमण लगभग समाप्त हो गया। आजकल जर्मनी में पाए जाने वाले अधिकांश मलेरिया मामले विदेश यात्रा से संबंधित होते हैं। एयरपोर्ट से फैलने वाला मलेरिया और भी दुर्लभ माना जाता है।


एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई

फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर मलेरिया के मामलों के सामने आने के बाद, मच्छरों से बचाव के उपायों को बढ़ा दिया गया है। परिसर में विशेष मच्छरदानी लगाई गई हैं और पकड़े गए मच्छरों के नमूनों की जांच की जा रही है। इन नमूनों को बेल्जियम के एंटवर्प स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन भेजा गया है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मच्छर की प्रजाति क्या है और वह संभावित रूप से कहां से आया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने एयरपोर्ट कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बुखार, सिरदर्द या फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहा गया है।


यात्रियों के लिए स्थिति

फ्रैंकफर्ट स्वास्थ्य विभाग के निदेशक पीटर टिनेमैन के अनुसार, मलेरिया सामान्य मानव संपर्क से नहीं फैलता। इसलिए, वर्तमान में एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों या आसपास रहने वाले लोगों के लिए कोई विशेष खतरा नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमण के स्रोत का पता लगाने और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 'एयरपोर्ट मलेरिया' विश्व में अत्यंत कम देखने को मिलता है।