फ्लोरिडा के रेस्टोरेंट में अजगर लाने पर मिलेगी मुफ्त पिज्जा, जानें क्यों है ये खास ऑफर
अजीब ऑफर: अजगर लाओ, पिज्जा पाओ
नई दिल्ली: फ्लोरिडा के एक रेस्टोरेंट के मालिक ने एक अनोखा ऑफर पेश किया है, जो सुनने में अजीब लगता है। यदि आप यहां एक जिंदा या मृत बर्मी अजगर लाते हैं, तो आपको एक विशेष पिज्जा मुफ्त में मिलेगा। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे एक गंभीर कारण है।
बर्मी अजगर के बदले पिज्जा
एवरग्लेड्स सिटी में डस्टिन क्रम नामक व्यक्ति का रेस्टोरेंट है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, डस्टिन का दावा है कि वह पहले रेस्टोरेंट मालिक हैं जो अजगर को 'करेंसी' के रूप में स्वीकार करते हैं।
डस्टिन खुद भी अजगर पकड़ने का काम करते हैं और उन्होंने यह विचार फ्लोरिडा पाइथन चैलेंज से लिया है। इस सरकारी प्रतियोगिता में, जो जितने अधिक बर्मी अजगर पकड़ता है, उसे उतना बड़ा इनाम मिलता है, जिसमें टॉप कैचर को 10,000 डॉलर तक का पुरस्कार दिया जाता है।
अजगर का हर हिस्सा उपयोगी
डस्टिन केवल पिज्जा नहीं दे रहे हैं, बल्कि वह अजगर के हर हिस्से का उपयोग भी कर रहे हैं। अजगर की चर्बी से स्किन ऑयल, क्रीम और साबुन बनते हैं, जबकि हड्डियों से गहने तैयार किए जाते हैं। वह अजगर के मांस का उपयोग पिज्जा टॉपिंग के रूप में करते हैं।
हालांकि, कानून के कारण इसे बेचा नहीं जा सकता क्योंकि मांस लाइसेंस वाले कसाई से नहीं आता। इसलिए 'अजगर वाला पिज्जा' केवल मुफ्त में ही दिया जाता है। डस्टिन के अनुसार, इसका स्वाद थोड़ा अलग है, लेकिन यह खाने में अच्छा लगता है। उनके रेस्टोरेंट में इगुआना वाली पिज्जा भी उपलब्ध है।
फ्लोरिडा में अजगर की समस्या
फ्लोरिडा में बर्मी अजगर पिछले कई दशकों से एक बड़ी समस्या बन गए हैं। माना जाता है कि ये सांप 1970 के दशक में दक्षिण-पूर्व एशिया से यहां आए थे और अब इनकी संख्या बेतहाशा बढ़ गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्तमान में फ्लोरिडा में लगभग 3 लाख बर्मी अजगर हो सकते हैं।
ये सांप 20 फीट तक लंबे हो सकते हैं और स्थानीय जीवों का शिकार कर इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचा रहे हैं। एक मादा अजगर एक बार में लगभग 70 अंडे देती है, जिससे इनकी संख्या तेजी से बढ़ती है।
इन्हें नियंत्रित करने के लिए हर साल फ्लोरिडा सरकार 'पाइथन चैलेंज' का आयोजन करती है। डस्टिन का यह ऑफर भी इसी मुहिम का एक अनोखा तरीका बन गया है, जिससे लोगों को मुफ्त पिज्जा मिल रहा है और राज्य को अजगर की संख्या कम करने में मदद मिल रही है।
