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बिहार में 'कॉकरोच कैफे': अनोखे नाम ने किया सोशल मीडिया पर धमाल

बिहार के नालंदा जिले में खोला गया 'कॉकरोच कैफे' अपने अनोखे नाम के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कैफे का इंटीरियर्स युवा पीढ़ी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिसमें आकर्षक सजावट और सुविधाएं शामिल हैं। मालिक का कहना है कि उनका उद्देश्य ग्राहकों का ध्यान खींचना है। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं, कुछ इसे मजाक मानते हैं, जबकि युवाओं के बीच यह कॉन्सेप्ट काफी लोकप्रिय हो रहा है। कैफे में सामान्य फूड आइटम उपलब्ध हैं और इसकी कीमतें भी सामान्य हैं।
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पटना में नया कैफे चर्चा का विषय


पटना: बिहार के नालंदा जिले में एक नया कैफे इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। यह कैफे अपने मेन्यू के लिए नहीं, बल्कि अपने अनोखे नाम 'कॉकरोच कैफे' के कारण चर्चा में है। हाल ही में हिलसा बाईपास पर खोला गया यह कैफे, तस्वीरों के वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाओं का केंद्र बन गया है। कई यूजर्स मजाक में कह रहे हैं कि अगर खाने में कॉकरोच निकल भी जाए, तो कोई शिकायत नहीं कर पाएगा। वहीं, कुछ इसे एक अनोखी मार्केटिंग रणनीति मान रहे हैं।


कैफे का आकर्षक इंटीरियर्स

कैफे का इंटीरियर्स युवा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। अंदर की सजावट में काले रंग का थीम और पीले रंग की हैंगिंग लाइट्स का उपयोग किया गया है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। दीवारों पर आर्टिफिशियल डेकोरेशन और फूलों की सजावट की गई है। बैठने के लिए डाइमंड स्टाइल के सोफे, लाल कुशन और कांच की टेबल रखी गई हैं। रंग-बिरंगे पौधे और सजावट इसे इंस्टाग्राम और रील्स बनाने वालों के लिए खास बनाते हैं। शाम के समय यहां युवाओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है।



कैफे के मालिक का बयान

कैफे के नाम पर मालिक का दृष्टिकोण: जब कैफे के नाम के बारे में मालिक से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य लोगों का ध्यान आकर्षित करना था। उनका मानना है कि आजकल साधारण नामों वाले कैफे बहुत हैं, लेकिन एक अनोखा और यादगार नाम ग्राहकों को तुरंत आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है कि ग्राहक पहले नाम के कारण आएंगे और फिर यहां की गुणवत्ता और माहौल के कारण दोबारा लौटेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैफे में साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जाता है।


स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं: स्थानीय लोगों की राय इस कैफे के बारे में मिश्रित है। कुछ का कहना है कि शुरुआत में उन्हें यह नाम मजाक लगा, लेकिन अंदर जाकर देखा तो कैफे साफ-सुथरा और आधुनिक सुविधाओं से लैस मिला। वहीं, कुछ बुजुर्गों ने नाम को लेकर आपत्ति जताई है, जबकि युवाओं के बीच यह कॉन्सेप्ट काफी लोकप्रिय हो रहा है।


फिलहाल, कैफे में चाय, कॉफी, मैगी, सैंडविच और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे सामान्य फूड आइटम उपलब्ध हैं। कीमतें भी सामान्य कैफे की तरह रखी गई हैं। खास बात यह है कि कुछ ही दिनों में यह कैफे अपने अनोखे नाम के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।