मुंबई की मां का कॉलेज में पहला दिन: बेटी ने बनाया यादगार वीडियो
एक अनोखा कॉलेज अनुभव
नई दिल्ली: कॉलेज का पहला दिन अक्सर युवाओं के लिए विशेष होता है, लेकिन मुंबई की एक मां ने इसे अपने लिए अविस्मरणीय बना दिया। उनकी बेटी ने तीन महीने के पैकेजिंग कोर्स के पहले दिन उन्हें कॉलेज पहुंचाया और इस यात्रा के उत्साह और थोड़ी घबराहट के क्षणों को कैमरे में कैद किया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर tanvi_malhara द्वारा साझा किया गया है। वीडियो की शुरुआत में तन्वी कहती हैं, “कॉलेज का पहला दिन… मेरे लिए नहीं, उनके लिए!” इसके बाद वह अपनी मां से पूछती हैं कि वह कौन सा कोर्स कर रही हैं, और मां बताती हैं कि वह आईटीसी यानी पैकेजिंग का कोर्स कर रही हैं।
तन्वी ने बताया कि उनकी मां मुंबई में तीन महीने का पैकेजिंग कोर्स करने आई हैं और अब दोनों हॉस्टल देखने जा रही हैं। उनकी मां ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग (IIP) में दाखिला लिया है, जहां का यह इंटेंसिव ट्रेनिंग कोर्स तीन महीने का फुल-टाइम सर्टिफिकेट प्रोग्राम है। इसमें पैकेजिंग से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाती है।
प्रेरणादायक वीडियो पर यूजर्स की प्रतिक्रिया
वीडियो में मां के चेहरे पर नए अनुभव की खुशी और थोड़ी झिझक भी नजर आती है। बेटी के साथ हॉस्टल देखने और नए कॉलेज के माहौल में कदम रखने के ये क्षण दर्शकों को बहुत पसंद आए। वीडियो के वायरल होने के बाद यूजर्स ने इसे प्रेरणादायक बताया। कुछ ने इसे “सबसे प्यारा फर्स्ट-डे व्लॉग” कहा, जबकि अन्य ने लिखा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कई लोगों ने मां-बेटी के रिश्ते और परिवार के समर्थन की भी सराहना की। यह कहानी उन महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई या सीखने का सफर अधूरा छोड़ दिया था।
नई संभावनाओं की खोज
यह कहानी यह दर्शाती है कि खुद को बेहतर बनाने और नई चीजें सीखने की कोई उम्र नहीं होती। पैकेजिंग उद्योग में ई-कॉमर्स, खाद्य, फार्मा और पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग की बढ़ती मांग के कारण प्रशिक्षित व्यक्तियों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। IIP जैसे संस्थानों के कोर्स लोगों को इस क्षेत्र की आवश्यक जानकारी और नए करियर विकल्पों को समझने में मदद करते हैं। इस प्रकार, इस मां का दोबारा पढ़ाई की ओर कदम बढ़ाना कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
