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रामायण के ट्रेलर में रकुल प्रीत का शूर्पणखा लुक बना चर्चा का केंद्र

नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होते ही रकुल प्रीत सिंह के शूर्पणखा लुक ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। दर्शकों ने उनके ग्लैमरस अंदाज की तारीफ की, जबकि कुछ ने कॉस्ट्यूम पर सवाल उठाए। ट्रेलर की सिनेमैटोग्राफी की सराहना के साथ-साथ किरदारों के लुक पर भी बहस छिड़ गई। जानें इस पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं और मीम्स की बाढ़।
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ट्रेलर के रिलीज होते ही मची हलचल


नई दिल्ली: नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर जैसे ही जारी हुआ, यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। ट्रेलर में शानदार दृश्य और प्रमुख सितारों की उपस्थिति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा रकुल प्रीत सिंह के शूर्पणखा लुक को लेकर हो रही है। कुछ लोगों ने उनके ग्लैमरस लुक की सराहना की, जबकि कई यूजर्स ने उनके कॉस्ट्यूम और लुक पर सवाल उठाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई।


ट्रेलर के बाद शुरू हुई बहस

फिल्म का ट्रेलर गुरुवार सुबह जारी किया गया। कुछ ही घंटों में इसे लाखों लोगों ने देखा और अपनी प्रतिक्रियाएं साझा की। कई दर्शकों ने ट्रेलर की सिनेमैटोग्राफी और भव्यता की प्रशंसा की, जबकि कुछ ने किरदारों के लुक और कॉस्ट्यूम पर असहमति जताई।



शूर्पणखा के लुक पर चर्चा

ट्रेलर में रकुल प्रीत का शूर्पणखा अवतार सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चित रहा। कई यूजर्स ने कहा कि उनका लुक काफी आधुनिक और ग्लैमरस है। कुछ ने मजाक में लिखा कि 'आज की मॉडर्न शूर्पणखा' और उनके रिवीलिंग ब्लाउज पर मीम्स बनाना शुरू कर दिया।



कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि पौराणिक किरदारों को उस समय के अनुरूप दिखाया जाना चाहिए था। वहीं, कई लोगों ने रकुल के लुक की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने स्क्रीन पर प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है।


सीता और कैकेयी के कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल

केवल शूर्पणखा ही नहीं, बल्कि माता सीता और कैकेयी के परिधानों पर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हुई। कुछ यूजर्स ने कहा कि साड़ियों का डिजाइन और हेयरस्टाइल काफी आधुनिक लग रहे हैं। कई लोगों ने इन कॉस्ट्यूम्स की तुलना टीवी धारावाहिकों के स्टाइल से की और सवाल उठाया कि क्या त्रेतायुग में ऐसा पहनावा होता था।



हालांकि, कई दर्शकों ने फिल्म के विजुअल ट्रीटमेंट और नए अंदाज को पसंद किया और कहा कि बड़े पर्दे पर अलग प्रस्तुति देखने में कोई बुराई नहीं है।