सोनीपत में पिता के अंतिम संस्कार में बेटियों की अनुपस्थिति: क्या है इस भावुक कहानी का सच?
पिता की अंतिम विदाई में परिवार की अनुपस्थिति
नई दिल्ली: हरियाणा के सोनीपत से एक दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है। यहां एक वृद्धाश्रम में रहने वाले एक बुजुर्ग की मृत्यु के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य ने अंतिम संस्कार में भाग नहीं लिया। जानकारी के अनुसार, उनकी तीनों बेटियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने में असमर्थता जताई और पूरी प्रक्रिया को वीडियो कॉल के माध्यम से देखा।
पत्नी के निधन के बाद वृद्धाश्रम में शरण
मृतक का नाम शिवचरण गुप्ता था, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के निवासी थे। वह अपने जीवन में कपड़े के व्यवसाय से जुड़े रहे। लगभग डेढ़ साल पहले, उन्होंने अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में शरण ली थी। कुछ समय पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया, जिसके बाद वह अकेले आश्रम में रह रहे थे।
बेटियों ने पिता का साथ क्यों छोड़ा?
शिवचरण गुप्ता के कोई बेटे नहीं थे। उन्होंने अपनी तीनों बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। बताया गया है कि उनकी दो बेटियां अध्यापिका हैं। वृद्धाश्रम के संचालक आनंद के अनुसार, जब शिवचरण गुप्ता की तबीयत बिगड़ी, तो उनकी बेटियों को सूचित किया गया, लेकिन कोई भी उनसे मिलने नहीं आई।
बेटियों से संपर्क की स्थिति
आश्रम के संचालक ने बताया कि शिवचरण गुप्ता हमेशा अपने पास एक मोबाइल फोन रखते थे ताकि अपनी बेटियों से संपर्क बना सकें। लेकिन बीमारी के दौरान बेटियों के फोन भी आने बंद हो गए। उनकी मृत्यु के बाद भी परिवार को सूचित किया गया, लेकिन बेटियों ने आने में असमर्थता जताई।
जानकारी के अनुसार, बड़ी बेटी अनिता नेपाल में अध्यापिका है, दूसरी बेटी निशा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रहती है, और सबसे छोटी बेटी प्रिया मुंबई में है। तीनों में से कोई भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया वीडियो कॉल के माध्यम से दिखाई गई।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
आश्रम के संचालक के अनुसार, बड़ी बेटी ने ऑनलाइन 5,100 रुपये भेजकर अंतिम संस्कार को सम्मानपूर्वक कराने का अनुरोध किया। प्रारंभ में बेटियों ने अस्थियों को सुरक्षित रखने की बात कही, लेकिन बाद में समय की कमी का हवाला देते हुए आश्रम प्रबंधन से गंगा में विसर्जन कराने का अनुरोध किया। इतना ही नहीं, उन्होंने अंतिम संस्कार की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अपने पास भेजने के लिए कहा। इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों की देखभाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं।
