अक्टूबर 2026 में महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों की जानकारी
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अक्टूबर 2026
अक्टूबर 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। इस महीने में पितृ पक्ष के अंतिम दिनों से लेकर शारदीय नवरात्रि, दुर्गा अष्टमी, महानवमी, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और करवा चौथ जैसे प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे।
महीने की शुरुआत पितृ पक्ष से होगी, और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। इसके बाद, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का आरंभ होगा।
अक्टूबर 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहारों की सूची
1 अक्टूबर 2026 – षष्ठी श्राद्ध।
2 अक्टूबर 2026 – सप्तमी श्राद्ध, गांधी जयंती।
3 अक्टूबर 2026 – अष्टमी श्राद्ध, जीवित्पुत्रिका व्रत, महालक्ष्मी व्रत समाप्त, कालाष्टमी।
4 अक्टूबर 2026 – नवमी श्राद्ध।
5 अक्टूबर 2026 – दशमी श्राद्ध।
6 अक्टूबर 2026 – इंदिरा एकादशी।
7 अक्टूबर 2026 – द्वादशी श्राद्ध।
8 अक्टूबर 2026 – गुरु प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि।
9 अक्टूबर 2026 – चतुर्दशी श्राद्ध।
10 अक्टूबर 2026 – सर्वपितृ अमावस्या।
11 अक्टूबर 2026 – शारदीय नवरात्रि प्रारंभ, घटस्थापना।
12 अक्टूबर 2026 – चंद्र दर्शन।
14 अक्टूबर 2026 – कपर्दिश चतुर्थी।
15 अक्टूबर 2026 – उपांग ललिता व्रत।
16 अक्टूबर 2026 – सरस्वती आवाहन, स्कंद षष्ठी।
17 अक्टूबर 2026 – सरस्वती पूजा, तुला संक्रांति।
19 अक्टूबर 2026 – दुर्गा अष्टमी, महानवमी, संधि पूजा।
20 अक्टूबर 2026 – विजयादशमी, दशहरा, दुर्गा विसर्जन।
22 अक्टूबर 2026 – पापांकुशा एकादशी, पद्मनाभ द्वादशी।
23 अक्टूबर 2026 – शुक्र प्रदोष व्रत।
25 अक्टूबर 2026 – शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूजा।
26 अक्टूबर 2026 – आश्विन पूर्णिमा, वाल्मीकि जयंती।
27 अक्टूबर 2026 – कार्तिक मास आरंभ।
29 अक्टूबर 2026 – करवा चौथ, वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी, रोहिणी व्रत.
सर्वपितृ अमावस्या – 10 अक्टूबर 2026
अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन पितृ पक्ष का समापन होगा। इसे महालया अमावस्या भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन पूर्वजों की श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती या किसी कारण से उनका श्राद्ध नहीं हो पाया हो, उनके लिए इस दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है।
शारदीय नवरात्रि का आरंभ – 11 अक्टूबर 2026
सर्वपितृ अमावस्या के अगले दिन, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होगी। इसी दिन घटस्थापना की जाएगी। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। 2026 में नवरात्रि का समापन 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी के साथ होगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी और दशहरा मनाया जाएगा।
दुर्गा अष्टमी और महानवमी – 19 अक्टूबर 2026
19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों पड़ रही हैं। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इसी दिन संधि पूजा और कन्या पूजन का भी विशेष महत्व माना जाता है।
दशहरा – 20 अक्टूबर 2026
20 अक्टूबर को विजयादशमी और दशहरा मनाया जाएगा। इसी दिन नवरात्रि का समापन होगा और कई स्थानों पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। धार्मिक परंपराओं में इस दिन शस्त्र और वाहनों की पूजा का भी महत्व माना जाता है।
शरद पूर्णिमा – 25 अक्टूबर 2026
शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा की रोशनी का विशेष महत्व होता है और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। कई जगहों पर रात में खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने की परंपरा भी है।
यह ध्यान देने योग्य है कि कुछ पंचांगों में 26 अक्टूबर को आश्विन पूर्णिमा के रूप में भी दर्ज किया गया है, जबकि शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूजा की तिथि 25 अक्टूबर दी गई है।
करवा चौथ – 29 अक्टूबर 2026
29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार महिलाएं दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को करवा चौथ की पूजा करती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
