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एशियन गेम्स 2026 के पदकों का अनावरण: अनोखे डिजाइन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

जापान के नागोया में 20वें एशियन गेम्स के पदकों का अनावरण किया गया है। इन पदकों का अनोखा डिजाइन जापानी सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रसिद्ध डिजाइनर डाइसुके शीबा द्वारा तैयार किए गए इन पदकों में टूटे सेरामिक डिस्क्स से प्रेरित एक दार्शनिक दृष्टिकोण शामिल है। जानें इन पदकों की विशेषताएं और उनके पीछे की कहानी।
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नागोया में एशियन गेम्स के पदकों का अनावरण

नागोया: जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियन गेम्स के पदकों का अनावरण किया गया है। इन पदकों का डिजाइन अपनी अनोखी कलात्मकता, जापानी सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण के कारण वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस डिजाइन को एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया है और इसे प्रसिद्ध जापानी डिजाइनर डाइसुके शीबा ने तैयार किया है। शीबा का यह दृष्टिकोण खेलों के आधिकारिक नारे ‘इमेजिन वन एशिया’ और विविधता में एकता की थीम को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है।


डिजाइन की अनोखी प्रक्रिया

टूटी सेरामिक डिस्क्स से निकला अनोखा कॉन्सेप्ट
डिजाइनर डाइसुके शीबा ने मेडल के अंतिम रूप को निर्धारित करने के लिए एक दिलचस्प और दार्शनिक दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने जानबूझकर कई सेरामिक डिस्क्स को तोड़ा और उनके बिखरे हुए टुकड़ों के जुड़ाव की बनावट का अध्ययन किया। उनका मानना है कि किसी एथलीट का सफर असफलताओं, चोटों और संघर्षों से भरा होता है। जब ये सभी टुकड़े एक साथ आते हैं, तब वे मेडल के रूप में एथलीट की जीत का प्रतीक बनते हैं। यह डिजाइन एशियाई संस्कृतियों और विभिन्न भाषाओं के खेल मंच पर एकजुटता को भी दर्शाता है।


पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रिसाइकिल्ड ई-कचरे से लेकर हिनोकी लकड़ी तक का मेल
इन पदकों को जापान के नगर निगमों द्वारा एकत्र किए गए पुराने इलेक्ट्रॉनिक कचरे से धातु निकालकर बनाया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सर्कुलर इकोनॉमी का संदेश देता है। मेडल को सहेजने के लिए विशेष बॉक्स आइची की प्रसिद्ध ‘हिनोकी’ लकड़ी से बनाया गया है, जो जापानी पारंपरिक चाय संस्कृति से प्रेरित है। मेडल का रिबन भी खास है, जिस पर आइची प्रांत के आधिकारिक फूल ‘काकित्सुबाता’ का खूबसूरत सिल्हूट उकेरा गया है। इसके घुमावदार पैटर्न खिलाड़ियों के लचीलेपन और साहस को दर्शाते हैं।


पदकों का आकार और वजन

साइज और वजन का पूरा गणित
तकनीकी दृष्टिकोण से, सभी मेडल 8 सेंटीमीटर व्यास और 5 मिलीमीटर मोटाई के गोलाकार आकार में बनाए गए हैं। गोल्ड मेडल का वजन लगभग 265 ग्राम है, जिसमें शुद्ध चांदी पर कम से कम 1 ग्राम सोने की परत चढ़ाई गई है। वहीं, 264 ग्राम का सिल्वर मेडल पूरी तरह से प्योर सिल्वर से निर्मित है। इसके अलावा, 222 ग्राम वजन वाले ब्रॉन्ज मेडल को 95 फीसदी तांबे और 5 फीसदी जिंक के मिश्रण से तैयार किया गया है।