कलावे के रंग और उनके ज्योतिषीय महत्व
इस लेख में हम कलावे के विभिन्न रंगों और उनके ज्योतिषीय महत्व के बारे में चर्चा करेंगे। जानें कि किस रंग का कलावा पहनने से आपको किस ग्रह से लाभ मिल सकता है। साथ ही, कलावा बांधने के नियमों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करें। यह जानकारी आपको नकारात्मक ऊर्जा से बचाने और सकारात्मकता बढ़ाने में मदद करेगी।
| Jun 16, 2026, 12:17 IST
कलावे का महत्व
सनातन धर्म में धार्मिक आयोजनों और मांगलिक कार्यक्रमों के दौरान कलाई में कलावा बांधने की परंपरा है। इसे रक्षासूत्र भी कहा जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा प्रदान करता है। क्या आप जानते हैं कि यह कलावा आपकी ऊर्जा पर भी प्रभाव डालता है? गलत रंग या तरीके से कलावा पहनने से ऊर्जा असंतुलित हो सकती है, जिससे तनाव और आलस्य जैसी नकारात्मकता उत्पन्न हो सकती है। इस लेख में हम जानेंगे कि कलाई पर किस रंग का कलावा पहनना चाहिए और किस ग्रह से उसका संबंध है।
लाल रंग का कलावा
ज्योतिष के अनुसार, लाल रंग का कलावा पहनने से बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह शक्ति और साहस प्रदान करता है और मंगल दोष से भी बचाता है। हनुमान जी और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए लोग इसे पहनते हैं। मंगलवार, नवरात्रि या हनुमान जयंती पर लाल कलावा पहनना शुभ माना जाता है।
काला कलावा
काले रंग का कलावा बुरी नजर और काले जादू से सुरक्षा करता है। इसे अक्सर बच्चों और बुजुर्गों के टखनों पर बांधा जाता है ताकि उन्हें किसी की नजर न लगे। शनिवार का दिन काला धागा बांधने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। जो लोग शनि दोष से ग्रसित हैं, उन्हें इसे अवश्य पहनना चाहिए।
पीला कलावा
जिन लोगों का गुरु ग्रह कमजोर है, उन्हें पीला धागा पहनना चाहिए। यह बुद्धि, ज्ञान और वाणी से संबंधित समस्याओं को धीरे-धीरे हल करता है। पीला कलावा पहनने के लिए बृहस्पतिवार का दिन सबसे अच्छा होता है।
हरा कलावा
हरे रंग का कलावा बुध ग्रह से संबंधित है। जो लोग अपने बुध ग्रह को मजबूत करना चाहते हैं, उन्हें इसे पहनना चाहिए। यह बुद्धि, संचार और स्वास्थ्य में लाभ पहुंचाता है। हरा कलावा बुधवार को पहनना चाहिए।
सफेद कलावा
सफेद रंग को पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष में सफेद कलावा पहनने से शुक्र और चंद्रमा ग्रह मजबूत होते हैं। जब ये ग्रह मजबूत होते हैं, तो जातक को मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मकता दूर होती है।
कलावा बांधने के नियम
ज्योतिष के अनुसार, किसी भी रंग का धागा पहनने से पहले उसे गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए। पुरुषों को दाहिनी और महिलाओं को बाईं कलाई पर कलावा बांधना चाहिए। कलावा बांधते समय गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। हर 21 दिन बाद पुराने कलावे को बदलकर नया धागा बांधना चाहिए और पुराने धागे को पेड़ के नीचे दबा देना चाहिए। अपने पहने हुए कलावे को किसी और के साथ साझा करने से बचना चाहिए।
