जुलाई 2026 में महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों की जानकारी
जुलाई 2026 में हिंदू धर्म के अनुसार कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। इस लेख में हम आपको इस महीने के प्रमुख धार्मिक आयोजनों की तिथियों और उनके महत्व के बारे में जानकारी देंगे। जानें कैसे चातुर्मास की शुरुआत और अन्य महत्वपूर्ण पर्व श्रद्धा के साथ मनाए जाएंगे।
| Jul 2, 2026, 11:54 IST
जुलाई 2026 का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में हर महीने का एक विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। जुलाई 2026 का महीना इस संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस महीने में कई प्रमुख व्रत, त्योहार और धार्मिक आयोजन होंगे। आषाढ़ और श्रावण जैसे पवित्र महीनों का संयोग होने के कारण भगवान विष्णु, शिव, जगन्नाथ, गुरु पूर्णिमा और देवशयनी एकादशी जैसे महत्वपूर्ण पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाएंगे।
चातुर्मास की शुरुआत
इस महीने से चातुर्मास की शुरुआत होगी, जिसमें साधु-संत एक स्थान पर रहकर साधना करते हैं। श्रद्धालु इस दौरान दान-पुण्य, धर्म-कर्म और पूजा-पाठ को विशेष महत्व देते हैं। यदि आप जुलाई के सभी व्रत और त्योहारों की सही तिथियों, महत्व और पूजा से संबंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है।
जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत एवं त्योहार
जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत एवं त्योहार
03 जुलाई - कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी
07 जुलाई - कालाष्टमी
10 जुलाई - योगिनी एकादशी व्रत, अवतार मेहेर बाबा मौन पर्व।
12 जुलाई - रवि प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, रोहिणी व्रत
14 जुलाई - भौमवती अमावस्या, हलहारिणी आषाढ़ी अमावस्या।
15 जुलाई - आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि प्रारंभ।
16 जुलाई - जगन्नाथ रथयात्रा, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा।
17 जुलाई - विनायक चतुर्थी, सूर्य कर्क संक्रांति
21 जुलाई - मासिक दुर्गाष्टमी, मां ताप्ती जयंती
23 जुलाई - गुप्त नवरात्रि नवमी पूजन, भड़ली नवमी
24 जुलाई - आशा दशमी व्रत
25 जुलाई - देवशयनी एकादशी व्रत, चातुर्मास का प्रारंभ
26 जुलाई - रवि प्रदोष व्रत, वासुदेव, वामन द्वादशी
27 जुलाई - मंगला तेरस, विजया-पार्वती व्रत प्रारंभ
29 जुलाई - गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूजा का दिन
30 जुलाई - श्रावण (सावन) मास प्रारंभ, कांवड़ यात्रा शुरू
विशेष जानकारी
यह ध्यान देने योग्य है कि 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी से भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसके कारण सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इसके अलावा, 30 जुलाई 2026 से भगवान शिव का प्रिय माह सावन शुरू हो रहा है, जो शिव भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है।
